गर्म पानी से नहलाया, खाना खिलाया और फिर... भिखारी निकला मेडिकल स्टूडेंट; पुलिस ने परिवार से कराया मिलन
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुंबई से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक भिखारी मेडिकल का स्टूडेंट का छात्र निकला। पुलिस ने उसके परिवार को खोजा और उनसे मिलवाया भी। दरअसल, भिखारियों को पुनर्वास के लिए पुलिस एक रुटीन मुहिम चला रही थी। इसी दौरान
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुंबई से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक भिखारी मेडिकल का स्टूडेंट का छात्र निकला। पुलिस ने उसके परिवार को खोजा और उनसे मिलवाया भी। दरअसल, भिखारियों को पुनर्वास के लिए पुलिस एक रुटीन मुहिम चला रही थी। इसी दौरान फुटपाथ रहने वाले एक बीस साल के लड़के पर पुलिस की नजर पड़ी। यह लड़का मानसिक बीमारी के बाद अपने परिवार से बिछड़ गया था। क्या है पूरा मामला? टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की और गहराई से जांच करने के बाद पता चला कि वह नांदेड़ का रहने वाला है, जिसके बाद मलाड पुलिस स्टेशन में उसके घरवालों को बुलाया और मुलाकात कराई।
यह घटनाक्रम गुरुवार को तब शुरू हुआ, जब पुलिस की एक टीम मलाड के एसवी रोड से भिखारियों को इकट्ठा कर रही थी। कॉन्स्टेबल कोमलसिंह जाधव की नजर बीस साल के आस-पास के एक युवक पर पड़ी, जो न तो बुनियादी सवालों के जवाब दे पा रहा था और न ही ठीक से बोल पा रहा था। उसे परेशान देखकर जाधव पुलिस स्टेशन ले आए। फिर गर्म पानी से नहलाकर और गर्म खाना खिलाकर शांत किया। जब वह थोड़ा सहज हो गया तो एक सब-इंस्पेक्टर ने धीरे-धीरे उससे उसके अतीत के बारे में पूछताछ शुरू की। युवक ने क्या बताया? उस युवक ने बताया कि उसका नाम अभय है और वह नांदेड़ जिले के तमसा का रहने वाला है और होम्योपैथी का तीसरे साल का छात्र है।
इस साल की शुरुआत में उसने ट्रेन से सफर किया था तभी उसका बैग चोरी हो गया था। खबरें और भी वह बिना पैसे के और अपने परिवार से संपर्क के बिना मुंबई पहुंच गया। हालांकि उसने एक कागज पर घरवालों का पता लिखकर बैग में रख लिया था। मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझते हुए और अपने परिवार का फोन नंबर याद न कर पाने के कारण अभय ने गुजारा करने के लिए भीख मांगना शुरू कर दिया। इन जानकारियों के साथ सीनियर इंस्पेक्टर दुष्यंत चव्हाण और डीसीपी संदीप घुगे की देखरेख में काम कर रहे सब-इंस्पेक्टर कागल्कर ने तुरंत तमसा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। तमसा पुलिस ने पुष्टि की कि अभय के हुलिए से मेल खाने वाले एक युवक के लापता होने की शिकायत पहले ही दर्ज की जा चुकी थी।
जांच में क्या पता चला? कागलकर ने अभय के पिता से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि अभय नांदेड़ में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक समस्या का इलाज करवा रहा था। लगभग डेढ़ महीने पहले वह बिना किसी को बताए घर से चला गया था, जिसके बाद उसके परिवार वालों ने उसे ढूंढने के लिए ज़ोर-शोर से खोजबीन शुरू कर दी थी।
