Explainer: पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम पर बैन क्यों, दुनिया में और किन सरकारों के निशाने पर आया ये एप?
किन-किन देशों में बैन है टेलीग्राम? 1. रूस अप्रैल 2026 में रूस ने टेलीग्राम को देशभर में पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। मोबाइल और ब्रॉडबैंड
किन-किन देशों में बैन है टेलीग्राम? 1. रूस अप्रैल 2026 में रूस ने टेलीग्राम को देशभर में पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। मोबाइल और ब्रॉडबैंड दोनों नेटवर्क पर एप की पहुंच लगभग खत्म हो गई और उपयोगकर्ताओं को VPN का सहारा लेना पड़ा। हालांकि इससे पहले टेलीग्राम रूस में युद्ध और राजनीतिक खबरों का सबसे बड़ा स्रोत बन चुका था। यूरोपियन कंसोर्टियम फॉर पॉलिटिकल रिसर्च (ECPR) के अनुसार यूक्रेन युद्ध के बाद रूस में पश्चिमी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद होने लगे। ऐसे में टेलीग्राम तेजी से समाचार और रियल टाइम अपडेट का प्रमुख माध्यम बन गया। रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख रूसी टेलीग्राम चैनलों पर व्यूज 2021 में लगभग 16 अरब से बढ़कर 2023 में 109 अरब से अधिक हो गए। ईरान: विरोध प्रदर्शनों के बाद स्थायी बैन ईरान कभी टेलीग्राम के सबसे बड़े बाजारों में से एक था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरानी प्रशासन ने टेलीग्राम को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया। सरकार का आरोप था कि एप प्रदर्शनकारियों को संगठित करने, विरोधी संदेश फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती देने का माध्यम बन रहा था। ईरानी न्यायपालिका ने आतंकवादी गतिविधियों, सरकार विरोधी प्रचार, अश्लील सामग्री और झूठी सूचनाओं के प्रसार को भी प्रतिबंध का कारण बताया। यूक्रेन: राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को लेकर हुई कार्रवाई कीव पोस्ट के अनुसार 2024 में यूक्रेन ने सरकारी अधिकारियों, सैन्य कर्मियों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े कर्मचारियों के लिए टेलीग्राम के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। यूक्रेनी अधिकारियों का दावा था कि रूस संवेदनशील सूचनाओं तक पहुंच सकता है और एप का उपयोग साइबर हमलों, फिशिंग, मैलवेयर वितरण तथा लोकेशन ट्रैकिंग के लिए किया जा सकता है।
यूरोप: संस्थापक की गिरफ्तारी तक पहुंचा मामला न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में फ्रांस ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव को गिरफ्तार कर लिया था। फ्रांसीसी अधिकारियों का आरोप था कि प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण, ड्रग तस्करी और ऑनलाइन घृणा अपराधों जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने में कंपनी विफल रही। ब्राजील: चुनाव और फेक न्यूज की चिंता ब्राजील ने 2022 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था। आरोप था कि प्लेटफॉर्म अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहा और फेक न्यूज फैलाने वाले खातों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा। बाद में प्रतिबंध हटा लिया गया। चीन: 2015 से ही पूरी तरह ब्लॉक चीन ने 2015 में टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया था। चीनी सरकार टेलीग्राम को कार्यकर्ताओं, वकीलों और राजनीतिक आयोजकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मंच के रूप में देखती है।
2019 के हांगकांग लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के दौरान भी टेलीग्राम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ था, जिसके बाद चीन का रुख और सख्त हो गया। पाकिस्तान: राजनीतिक अस्थिरता के दौरान रोक पाकिस्तान में भी कई बार टेलीग्राम की सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। सरकार ने साइबर सुरक्षा और गलत सूचना फैलाने को कारण बताया, जबकि आलोचकों का कहना है कि ऐसे कदम अक्सर राजनीतिक विरोध को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाते हैं। इन देशों में भी टेलीग्राम पर हुई कार्रवाई
