शहीद दिवस रैली से सड़क जाम: ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने भेजा अवमानना का नोटिस
साल 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक अहम फैसला सुनाया था, जिसमें कोई भी राजनीतिक दल शहर के मुख्य रास्तों को पूरी तरह
साल 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक अहम फैसला सुनाया था, जिसमें कोई भी राजनीतिक दल शहर के मुख्य रास्तों को पूरी तरह से बंद नहीं करेगा। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि सड़क का एक हिस्सा हमेशा पैदल चलने वालों और गाड़ियों के लिए खुला रहना चाहिए। खास तौर पर एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता छोड़ना अनिवार्य किया गया था।
कोर्ट ने पुलिस को भी निर्देश दिया था कि वह ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी मीडिया के जरिए जनता तक पहुंचाए।अदालत में दाखिल इस याचिका में दावा किया गया है कि टीएमसी की शहीद दिवस रैली के दौरान इन नियमों की अनदेखी की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह रैली मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में एक मुख्य चौराहे को पूरी तरह जाम करके आयोजित की गई थी।
इसकी वजह से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई थी। याचिका में कहा गया है कि यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट के पुराने फैसले की अवमानना है।हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तारीख तय की है।
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अब इस नोटिस पर अपना पक्ष रखना होगा।
