'जब तक कानून नहीं हिंदू भी पैदा करें 4 बच्चे':देवकीनंदन बोले- सरकार मुफ्त का सामान देना बंद करे; नीट पर कहा- इधर-उधर हो जाता है
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- देश में सभी के लिए समान कानून होना चाहिए। जब तक देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं आता, तब तक
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- देश में सभी के लिए समान कानून होना चाहिए। जब तक देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं आता, तब तक हर सनातनी को भी 4 बच्चे पैदा करना चाहिए। भोपाल में 12 जून से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार को समापन हो गया। कथा के बाद दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने जनसंख्या नियंत्रण कानून, NEET परीक्षा विवाद, मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य और सनातन बोर्ड जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। NEET परीक्षा लीक पर कहा कि डिजिटल दौर में कई बार इधर-उधर हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। महंगाई पर उन्होंने कहा कि मैं वित्त मंत्री नहीं हूं, मैं बस ये कह सकता हूं कि सरकार को मुफ्त की हर चीज हटा देना चाहिए। केवल दो चीज मुफ्त में दे, अच्छा इलाज और अच्छी शिक्षा। जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं तो हर सनातनी 4 बच्चे करें देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- जब हम एक देश में रहते हैं तो कानून सबके लिए समान होना चाहिए, सबके समान अधिकार होने चाहिए। जो इसको मानते हैं उनका सम्मान करना चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण अगर सरकार नहीं कर रही है, तो हिंदुओं को 4-5 बच्चे करने चाहिए। मैं तो हमेशा यही कहता हूं। पिछले 5-7 सालों से कह रहा हूं कि हर सनातनी को तब तक अपनी संतान 4 रखनी चाहिए, जब तक जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं आ जाता। जनसंख्या नियंत्रण कानून बहुत जरूरी है। डिजिटल सिस्टम में इधर-उधर हो जाता है NEET परीक्षा और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि एक युवा बड़ी उम्मीद के साथ परीक्षा की तैयारी करता है। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित होनी चाहिए। सरकार ने व्यवस्थाएं बेहतर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा- कई जगह सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ाए गए हैं।
हालांकि डिजिटल सिस्टम में कई बार इधर-उधर हो जाती हैं, लेकिन ऐसा होना नहीं चाहिए। जो युवा योग्य है उसे उसका अधिकार मिलना चाहिए। परीक्षा अच्छे तरीके से हो और उसके बाद युवाओं को रोजगार भी मिले। युवाओं को चाहिए अच्छी परीक्षा और अच्छी नौकरी देवकीनंदन ने कहा- देश के युवाओं को दो चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं। पहली अच्छी और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दूसरी रोजगार के अवसर। अगर कोई युवा मेहनत करके परीक्षा पास करता है तो उसके लिए नौकरी के अवसर भी उपलब्ध होने चाहिए। युवाओं का भविष्य किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होता है। सरकार को मुफ्त की हर चीज हटा देनी चाहिए महंगाई और जनकल्याण से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं वित्त या रेल मंत्री नहीं हूं, मैं बस इतना कह सकता हूं कि सरकार को उन फैसलों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो जनता को राहत दें। सरकार को मुफ्त की हर चीज हटाकर केवल दो चीजें मुफ्त में देनी चाहिए। शिक्षा और मुफ्त चिकित्सा। उन्होंने कहा- कोई बच्चा जितना पढ़ना चाहता है, उसे उतनी शिक्षा मुफ्त मिलनी चाहिए। कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे इलाज भी मुफ्त मिलना चाहिए। दुनिया के कई देशों में ऐसी व्यवस्थाएं हैं और भारत को अच्छी व्यवस्थाओं को अपनाने में संकोच नहीं करना चाहिए। विदेशों की नकल सिर्फ फटी जींस पहनने में नहीं और चीजों में करें देवकीनंदन ने कहा- हम विदेशों की नकल फटी जींस पहनने में कर रहे हैं। क्लब जाने और शराब पीने में कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा में नहीं कर रहे हैं। वहां के बच्चों को बराबर की शिक्षा मिल रही है, उसमें नकल नहीं कर रहे हैं। वहां गरीब आदमी का इलाज पहले होता है। अगर किसी के पास पैसा नहीं है तो भी उसका इलाज हो जाता है। ऐसी व्यवस्था भारत में क्यों नहीं हो सकती?