एकनाथ शिंदे महायुति में कैसे कामयाब हो गए, और उद्धव फिर चूक गए
उद्धव ठाकरे शिवसेना का स्थापना समारोह मना रहे हैं, लेकिन उनके हिस्से नाममात्र ही बचा है, क्योंकि नामोनिशान तो चार साल पहले ही गंवा चुके
उद्धव ठाकरे शिवसेना का स्थापना समारोह मना रहे हैं, लेकिन उनके हिस्से नाममात्र ही बचा है, क्योंकि नामोनिशान तो चार साल पहले ही गंवा चुके हैं. 60 साल पुरानी पार्टी छठी बार टूट की कगार और महाराष्ट्र की राजनीति के उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से बाउंसबैक फिलहाल तो असंभव लग रहा है.
