पुलिस बल को मिलेगा नया विस्तार: पश्चिम बंगाल में गठित होंगी दो महिला एसपीआरएफ बटालियन, सरकार को भेजा प्रस्ताव
पश्चिम बंगाल पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक कदम उठाया है। पुलिस ने संवेदनशील कानून-व्यवस्था की स्थितियों से
पश्चिम बंगाल पुलिस ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक कदम उठाया है। पुलिस ने संवेदनशील कानून-व्यवस्था की स्थितियों से निपटने में सहायता के लिए राज्य पुलिस रिजर्व फोर्स (एसपीआरएफ) के तहत दो महिला सशस्त्र बटालियन बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को दी। क्या है इसका मकसद? उन्होंने आगे कहा कि प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि इन बटालियनों को विशेष परिचालन इकाइयों के रूप में तैयार किया जा रहा है।
इनकी प्राथमिक भूमिका महिलाओं और बच्चों से संबंधित पुलिसिंग, मानव तस्करी विरोधी अभियानों और अन्य संवेदनशील कार्यों में सहायता प्रदान करना होगी, जहां प्रशिक्षित महिला कर्मियों की तैनाती आवश्यक समझी जाती है। किन के नाम पर होगा इकाइयों का नाम उन्होंने कहा कि इन दोनों इकाइयों का नाम बंगाल के इतिहास की दो प्रतिष्ठित महिला हस्तियों के नाम पर 'मातंगिनी हाजरा महिला एसपीएफ बटालियन' और 'रानी शिरोमणि महिला एसपीएफ बटालियन' रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बटालियनों को अन्य सशस्त्र पुलिस इकाइयों के बराबर ही सुसज्जित और प्रशिक्षित किया जाएगा। अधिकारी ने कहा 'इसका उद्देश्य न केवल वर्दीधारी महिलाओं की संख्या बढ़ाना है, बल्कि उभरती पुलिसिंग आवश्यकताओं का प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम समर्पित बल तैयार करना भी है।
उन्हें भीड़ प्रबंधन, परिचालन रणनीति, जांच सहायता और सुरक्षा संबंधी कर्तव्यों में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होगा।' उन्होंने कहा कि कमांडेंट, डिप्टी कमांडेंट, डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, वायरलेस ऑपरेटर, पुलिस ड्राइवर और कांस्टेबल सहित विभिन्न रैंकों में लगभग 2,006 महिला कर्मियों की भर्ती की जा सकती है। प्रस्ताव पर राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि बैरकपुर पुलिस ब्रिगेड क्षेत्र के भीतर मौजूदा बुनियादी ढांचे का उपयोग रानी शिरोमणि बटालियन के लिए किया जा सकता है। वहीं, मातंगिनी हाजरा बटालियन के स्थान के बारे में अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि ये बटालियनें महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों को संभालने में जिला पुलिस इकाइयों और आयुक्त कार्यालयों की सहायता करेंगी और विशेष अभियानों और जांचों के दौरान परिचालन सहायता प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव फिलहाल राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद बटालियनों के गठन और कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
