पश्चिम बंगाल: कोयला तस्करी केस में पुलिस अधिकारी गिरफ्तार, अभिषेक बनर्जी के करीबी पूर्व SDPO के खिलाफ FIR दर्ज
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के कोयला तस्करी मामले में संलिप्तता के आरोप में पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के कोयला तस्करी मामले में संलिप्तता के आरोप में पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को गिरफ्तार किया है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी लंबे समय से उन पर नजर बनाए हुए थी। सूत्रों के अनुसार, कोयला तस्करी मामले में पूछताछ के लिए मंडल कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के साल्ट लेक ऑफिस पहुंचे थे। लंबी पूछताछ के बाद गुरुवार देर रात ईडी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को हुई पूरी पूछताछ के दौरान मंडल लगातार अपने ही बयानों को बदलते रहे और अधिकारियों के कुछ सवालों का जवाब देने से भी इनकार कर दिया। अब आगे क्या होगा? अब मंडल को कोलकाता में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा और सेंट्रल एजेंसी के वकील इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए उनकी ईडी कस्टडी की मांग करेंगे।
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ब्रांच से जुड़े मंडल, कोयला तस्करी मामले में ईडी की नजर में लंबे समय से थे। वे इसी जिले के बाराबानी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रह चुके थे और उस दौरान उनकी भूमिका की वजह से उन पर शक था। इस मामले में ईडी की ओर से कई समन भेजे जाने के बावजूद मंडल पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए थे। असल में वे लंबे समय तक फरार भी रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, कोयला तस्करी मामले के अलावा मंडल अवैध रेत खनन मामले में भी ईडी की जांच के दायरे में थे। इस साल मार्च में ईडी के अधिकारियों ने पश्चिम बर्धमान जिले के स्टील सिटी दुर्गापुर में मंडल के घर पर लंबी छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।
विवादों से रहा पुराना नाता मंडल का अतीत और करियर का रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। 2024 में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोयला तस्करी के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद तत्कालीन बाराबानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मंडल को सस्पेंड कर दिया गया था और उनके खिलाफ न्यायिक जांच भी शुरू की गई। अभिषेक बनर्जी के करीबी पूर्व अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर पुलिस ने जिले के एक प्रभावशाली पूर्व अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तीन बार लोकसभा सांसद रहे अभिषेक बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता है।
घटनाक्रम से अवगत सूत्रों के अनुसार, डायमंड हार्बर नगरपालिका के तृणमूल कांग्रेस पार्षद डॉ. तमाल कुमार हलदर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद डे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। क्या है आरोप? शिकायत में, डे पर हलदर को निर्वस्त्र करने और फिर उसकी बेरहमी से पिटाई करने के साथ-साथ बिजली के झटके देकर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में, हलदर ने यह भी दावा किया है कि डे ने उस घटना को कवर करने की कोशिश कर रहे एक मीडियाकर्मी को भी बुरी तरह प्रताड़ित किया।
