दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा- पूरा टेलीग्राम क्यों बैन किया:सरकार का दावा- यह अपराधियों का पसंदीदा प्लेटफॉर्म, इसलिए NEET रीएग्जाम से पहले रोक लगाई
NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम पर बैन के फैसले पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कुछ परीक्षार्थियों
NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम पर बैन के फैसले पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाए। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि कुछ परीक्षार्थियों की वजह से 15 करोड़ टेलीग्राम यूजर्स के अधिकारों पर रोक कैसे लगाई जा सकती है। टेलीग्राम की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस तेजस कारिया की वेकेशन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, सरकार ने दलील दी कि रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि टेलीग्राम में एक अकाउंट से 40 बॉट बन सकते हैं, जबकि वाट्सएप में हर यूजर पर एक बॉट होता है। टेलीग्राम साइबर क्राइम, पेपर लीक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद बढ़ाने और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहा है। टेलीग्राम की गोपनीयता और गुमनामी बनाए रखने वाली विशेषताओं ने इसे आपराधियों का पसंदीदा नेटवर्क बना दिया है। टेलीग्राम ने अपने खिलाफ लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी थी। जिस पर शुक्रवार सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाया जाएगा। दरअसल, भारत सरकार ने 21 जून को होने वाले NEET रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम चैनल पर अस्थायी बैन लगाया है।
यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। एक अलग निर्देश में टेलीग्राम को 30 जून तक पहले भेजे गए मैसेज को एडिट फीचर भी बंद करने का भी निर्देश दिया गया है। सरकार ने हलफनामे में 5 दावे किए चीन, फ्रांस, रूस जर्मनी में टेलीग्राम पर हो चुकी कार्रवाई हलफनामा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में काम करने वाले वैज्ञानिक मयंक ने हाईकोर्ट में जमा किया। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, हलफनामे में कहा गया है कि यह ऐप साइबर अपराधियों के लिए पसंदीदा प्लेटफॉर्म बन गया है। वे गैर-कानूनी गतिविधियों - जैसे फाइनेंशियल फ्रॉड, मैलवेयर फैलाना, डेटा चोरी और लीक हुए पेपर फैलाना - को अंजाम देने के लिए नकली अकाउंट, छिपी हुई पहचान, चैनल और ग्रुप का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस ऐप से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अकेले 2025 में 2.75 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 3,086 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी शामिल है।
सरकार ने चीन, ईरान, फ्रांस, रूस, जर्मनी और ब्राजील जैसे कई देशों में टेलीग्राम के खिलाफ की गई रेगुलेटरी और एनफोर्समेंट कार्रवाई का भी जिक्र किया। ये कार्रवाई स्थानीय कानूनों का पालन न करने, कंटेंट मॉडरेशन में कमी और कानून लागू करने से जुड़ी चिंताओं जैसे मुद्दों पर की गई थीं। टेलीग्राम का दावा- NEET से जुड़े 900 से ज्यादा लिंक हटाए टेलीग्राम का पक्ष एडवोकेट ध्रुव मेहता ने रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जो कुछ हुआ, हम सब जानते हैं। बहुत सारे छात्र प्रभावित हुए। दूसरा पहलू यह है कि क्या उस एक घटना को रोकने के लिए पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया जा सकता है? टेलीग्राम ने बताया कि 9 जून को अधिकारियों से विशिष्ट यूआरएल मिलने के एक घंटे के भीतर ही प्रतिबंधित सामग्री को हटा दिया। यह भी दावा किया कि उसने गैर-कानूनी NEET सामग्री से जुड़े 900 से ज्यादा लिंक हटाए हैं। नियमों के उल्लंघन की पहचान करने के लिए AI, मशीन लर्निंग टूल और मैन्युअल मॉडरेशन का इस्तेमाल किया है। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी।