दलबदल कानून फेल, पर्देदारी नहीं चलेगी
भारत ने आखिरकार एक ऐसे खेल में महारत हासिल कर ली है जिसके लिए न तो किसी स्टेडियम की जरूरत है, न रेफरी की और
भारत ने आखिरकार एक ऐसे खेल में महारत हासिल कर ली है जिसके लिए न तो किसी स्टेडियम की जरूरत है, न रेफरी की और न ही फैंस की.
ऐसा इसलिए, क्योंकि दर्शकों, जो वोटर भी हैं, को जानबूझकर इस स्टेडियम से बाहर रखा जाता है. आप इसे भारतीय राजनीति का आईपीएल (IPL) यानी
'इन्क्रेडिबल पोचिंग लीग' (खरीद-फरोख्त की अनोखी लीग) कह सकते हैं. इस लीग में 'ट्रांसफर विंडो' हमेशा खुली रहती है.
