France: दुश्मन के ठिकाने ढूंढ़कर तबाह करेंगे कामिकेज ड्रोन; भारतीय कंपनी और यूरोपीय रक्षा दिग्गज के बीच करार
यह समझौता सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह आधुनिक सटीक-हमला प्रणालियां सेना की आपातकालीन आवश्यकता पूरा करेंगी। इनसे बड़े खतरों को
यह समझौता सेना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह आधुनिक सटीक-हमला प्रणालियां सेना की आपातकालीन आवश्यकता पूरा करेंगी। इनसे बड़े खतरों को सटीक रूप से बेअसर किया जा सकेगा। इस साझेदारी के तहत बनने वाले सिस्टम सर्च-एंड-डेस्ट्रॉय यानी खोजो और नष्ट करो क्षमता से लैस होंगे। इनमें फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता के साथ-साथ सैटेलाइट और ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम का मेल भी होगा।एसएमपीपी एक प्रमुख भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस निर्माता है, जो बैलिस्टिक सुरक्षा उपकरण, गोला-बारूद, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन तकनीक और सटीक हमला करने वाली प्रणालियों का निर्माण करती है।
वहीं, केएनडीएस लैंड वॉरफेयर से जुड़े हथियार बनाने वाली यूरोप की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह दुनिया भर की सेनाओं को बख्तरबंद वाहन, तोपखाना प्रणाली, गोला-बारूद और युद्ध तकनीक की आपूर्ति करती है।यह ड्रोन आकार में बेहद छोटे से लेकर बड़े भी हो सकते हैं। यह लंबी दूरी तय कर भारी सुरक्षा वाले ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।
इनमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर लगे होते हैं, जो दुश्मन के वाहनों, कमांड पोस्ट, रडार, आर्टिलरी और सैनिकों की स्थिति की सटीक पहचान कर लेते हैं।यह ड्रोन मानवयुक्त विमानों या महंगी
लंबी दूरी की मिसाइलों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। इससे पायलटों या महंगे सैन्य प्लेटफॉर्मों को जोखिम में डाले बिना दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदा जा सकता है।
