मानसून 5 दिन से यूपी-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटका:हरियाणा में ओलावृष्टि, आंधी से पेड़ गाड़ियों पर गिरे; राजस्थान समेत 7 राज्यों में पारा 40°C के पार
देश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में प्री मानसून के तहत बारिश हो रही है। 4 जून को केरल
देश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में प्री मानसून के तहत बारिश हो रही है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मानसून पिछले 5 दिन से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर अटका हुआ है। हरियाणा के हिसार में गुरुवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई। यहां कई गाड़ियों पर पेड़ गिरे। वहीं सिरसा में ओले भी गिरे। एमपी के इंदौर-गुना समेत 6 जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं राजस्थान के जयपुर समेत 6 जिलों में बारिश हुई। श्रीगंगानगर में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं, प्री-मानसून ऐक्टिव होने के बावजूद यूपी-राजस्थान समेत 7 राज्यों में तापमान 40°C के पार है।
गुरुवार को देश में सबसे ज्यादा तापमान यूपी के बांदा में 43.2°C दर्ज किया गया। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून 4 जून से 18 जून के बीच देश में 41% कम बारिश मानसून ने लगातार तीसरे साल जून में लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में शुरुआती ब्रेक के बावजूद पूरे सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इस साल 4 जून से 18 जून के बीच देश में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। देशभर में प्री-मॉनसून एक्टिव, मौसम की 2 तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.2°C दर्ज किया गया।
वहीं महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3°C, ओडिशा के बौध में 42.8°C, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 41.6°C, झारखंड के डाल्टनगंज में 42°C, बिहार के छपरा में 41.6°C और एमपी के खजुराहो 41.4°C रहा। अल नीनो के हालात भी बन रहे अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) ने उपग्रह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, इससे मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्य रूप से जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है। अल नीनो की परिस्थितियां भी बन रही हैं। इससे लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं।
लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनापन कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 20 जून: 21 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली बहुत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।