महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाघ का भीषण तांडव; एक ही इलाके में चार महिलाओं पर हमला कर बनाया अपना निवाला
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई है। यह शायद देश में पहली घटना है जब एक ही बाघ ने एक ही हमले में चार लोगों को मार डाला है। घटना चंद्रपुर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी
राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई है। यह शायद देश में पहली घटना है जब एक ही बाघ ने एक ही हमले में चार लोगों को मार डाला है। घटना चंद्रपुर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही-पवनपार गांव की है। वहां यह हमला शुक्रवार की सुबह उस समय हुआ, जब 13 महिलाओं का एक समूह तेंदू पत्ता इकट्ठा करने जंगल में गया था।
मृतक महिलाओं की पहचान 45 वर्षीय कवदूबाई दादाजी मोहुर्ले, 46 वर्षीय अनुबाई दादाजी मोहुर्ले, 36 वर्षीय संगीता संतोष चौधरी और 33 वर्षीय सुनीता कौशिक मोहुर्ले के रूप में हुई। इनमें तीन पीड़ित एक ही परिवार की हैं। इस घटना से आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। इस क्षेत्र के ज्यादातर ग्रामीण अपनी आजीविका के लिए वन उत्पादों पर ही निर्भर हैं। सूचना मिलते ही वन अधिकारियों की एक टीम उस क्षेत्र में पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों का कहना है कि हमला इतना अचानक और क्रूर था कि महिलाओं को अपने बचाव का मौका भी नहीं मिला।
इस हमले में चार महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी नौ महिलाएं बाघ से बचने के लिए चीखती-चिल्लाती मदद के लिए गुहार लगाती रहीं। सिंदेवाही वन रेंज की अधिकारी अंजली सायंकर को घटना की सूचना मिली और वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। अधिकारियों ने निवासियों से अपील की है कि जब तक जानवर का पता नहीं चल जाता, तब तक वे घने जंगलों में प्रवेश करने से बचें। महाराष्ट्र वन विभाग की टीमों ने गश्त तेज कर दी है।
इन मौतों ने चंद्रपुर जिले में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जहां हाल के वर्षों में आवासों के सिकुड़ने और वन क्षेत्रों के पास मानवीय गतिविधियों में वृद्धि के कारण बाघों से संबंधित कई घटनाएं हो चुकी हैं। खबरें और भी
