Odisha Electricity Crisis: ओडिशा में बिजली संकट ने बढ़ाई सरकार की चिंता? जानें सरकार ने क्यों लागू किया ESMA
कर्मचारियों की छंटनी को लेकर नाराजगी। वेतन और सेवा शर्तों पर विवाद। आउटसोर्सिंग के खिलाफ विरोध। बढ़ती गर्मी में बिजली आपूर्ति पर दबाव। औद्योगिक शांति बनाए रखना। लोगों की आजीविका की रक्षा करना। बिजली क्षेत्र को मजबूत और भरोसेमंद बनाना। राज्य के कई हिस्सों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें
कर्मचारियों की छंटनी को लेकर नाराजगी। वेतन और सेवा शर्तों पर विवाद। आउटसोर्सिंग के खिलाफ विरोध। बढ़ती गर्मी में बिजली आपूर्ति पर दबाव। औद्योगिक शांति बनाए रखना। लोगों की आजीविका की रक्षा करना। बिजली क्षेत्र को मजबूत और भरोसेमंद बनाना। राज्य के कई हिस्सों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। खासकर भुवनेश्वर, कटक और बोलांगीर जैसे इलाकों में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच बिजली विभाग में काम करने वाले अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की खबरें भी सामने आईं।इन मुद्दों पर सरकार की चिंता बढ़ी-सरकार की अधिसूचना के मुताबिक यह आदेश GRIDCO, OPTCL, OHPC, OPGC और सभी डिस्कॉम कंपनियों पर लागू होगा।
सरकार ने साफ किया है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़े कर्मचारी अब हड़ताल या ऐसे किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, जिससे बिजली सेवाएं प्रभावित हों। अधिकारियों का कहना है कि बिजली सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर कानूनी रूप से हड़ताल पर रोक लगा दी गई है।ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री केवी सिंह ने कहा कि बिजली ओडिशा की प्रगति की रीढ़ है। इससे उद्योग चलते हैं, खेती को ताकत मिलती है और हर घर रोशन होता है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार ने यह निर्णायक कदम उठाया है।उपमुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार का क्या लक्ष्य?विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी के मौसम में ओडिशा में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में अगर बिजली क्षेत्र में हड़ताल होती तो हालात और खराब हो सकते थे। सरकार फिलहाल किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि ESMA जैसे सख्त कानून का इस्तेमाल किया गया है।
आने वाले दिनों में सरकार बिजली आपूर्ति और कर्मचारियों की समस्याओं दोनों पर नजर बनाए रख सकती है।
