स्कूल में पाकिस्तानी गाने पर डांस का विवाद: प्रिंसिपल समेत तीन पर केस दर्ज, बोले- यह तुर्की सीरियल का संगीत था
महाराष्ट्र के जालना जिले में एक स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मार्च 2025 में आयोजित स्कूल
महाराष्ट्र के जालना जिले में एक स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मार्च 2025 में आयोजित स्कूल समारोह के दौरान छात्रों ने एक पाकिस्तानी गाने पर प्रस्तुति दी और मंच पर एक पाकिस्तानी चरमपंथी की तस्वीर भी दिखाई गई। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल और दो शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि स्कूल प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कार्यक्रम में इस्तेमाल किया गया संगीत तुर्की के लोकप्रिय टीवी सीरियल 'एर्तुग्रुल गाजी' का था, न कि कोई पाकिस्तानी गीत। क्या है स्कूल कार्यक्रम से जुड़ा पूरा विवाद?
पुलिस के अनुसार पार्टूर स्थित किड्स वर्ल्ड इंग्लिश स्कूल के वार्षिक समारोह की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इनमें दावा किया गया कि छात्रों ने पाकिस्तानी गाने पर नृत्य किया और कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी चरमपंथी मुमताज कादरी की तस्वीर दिखाई गई। इस विवाद के बाद स्थानीय भाजपा विधायक बाबनराव लोणीकर ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और स्कूल की मान्यता रद्द करने की बात कही। स्कूल प्रशासन ने आरोपों पर क्या सफाई दी? स्कूल के प्रिंसिपल वझीयोद्दीन सिद्दीकी ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि कार्यक्रम में जो संगीत इस्तेमाल हुआ था, वह तुर्की टीवी सीरियल 'एर्तुग्रुल गाजी' का बैकग्राउंड म्यूजिक था।
उन्होंने यह भी कहा कि मंच पर दिखाई गई तस्वीर किसी चरमपंथी की नहीं बल्कि उसी सीरियल में अभिनय करने वाले कलाकार की थी। प्रिंसिपल का आरोप है कि कुछ लोगों ने तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर फैलाई। पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया है? पार्टूर पुलिस ने प्रिंसिपल और दो शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने, राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करने वाली गलत जानकारी फैलाने और सार्वजनिक चिंता पैदा करने वाली भ्रामक सूचना प्रसारित करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप कितने सही हैं और स्कूल प्रशासन के दावे में कितनी सच्चाई है। जांच एजेंसियां कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए ऑडियो, वीडियो और तस्वीरों की जांच करेंगी। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यक्रम में वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों में कितना दम है।
