Bengal: योग दिवस पर रेड रोड बंद करने पर हाईकोर्ट सख्त, PM के कार्यक्रम से पहले बंगाल सरकार को दिए ये निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को अहम निर्देश दिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि कोलकाता के रेड रोड को बंद किए जाने के कारण आम लोगों, वकीलों और अदालत कर्मचारियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस को निर्देश दिया कि जब तक रेड रोड बंद रहे, तब तक यात्रियों के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह मामला रेड रोड बंद होने के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। हाईकोर्ट ने सरकार और पुलिस को क्या निर्देश दिए? रेड रोड बंद रहने के दौरान वैकल्पिक यातायात मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया। वकीलों, हाईकोर्ट कर्मचारियों और आम यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने को कहा।
लोगों को अपने कार्यस्थल और गंतव्य तक समय पर पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। कोलकाता पुलिस को ट्रैफिक प्रबंधन प्रभावी ढंग से करने का आदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम समाप्त होते ही रेड रोड को तुरंत सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलने को कहा। सामान्य यातायात जल्द से जल्द बहाल करने का निर्देश दिया। वैकल्पिक व्यवस्था ऐसी हो कि दैनिक यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो। सरकार ने अदालत में क्या पक्ष रखा? पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बिल्वदल भट्टाचार्य ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार और आयुष मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरकार ने दावा किया कि क्षेत्र में कई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हैं और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि रेड रोड भारतीय सेना की पूर्वी कमान की भूमि पर स्थित है, इसलिए रक्षा मंत्रालय को भी मामले में पक्षकार बनाया जाना चाहिए। अदालत ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड का विकल्प क्यों सुझाया? सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि कार्यक्रम को रेड रोड के बजाय पास स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में क्यों नहीं आयोजित किया गया। उनका मानना था कि इससे लोगों की आवाजाही कम प्रभावित होती। हालांकि सरकार ने सुरक्षा और आयोजन संबंधी कारणों का हवाला दिया। अदालत ने रक्षा मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई संबंधित दस्तावेज दाखिल होने के बाद होगी। महुआ मोइत्रा ने भी उठाए सवाल तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी रेड रोड बंद किए जाने को लेकर सवाल उठाया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बकरीद की नमाज के दौरान ट्रैफिक बाधित न हो, इसलिए आयोजन को रेड रोड से हटाकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कराया गया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के लिए एक सप्ताह तक रेड रोड बंद रखा गया है। महुआ मोइत्रा ने लिखा कि ईद की नमाज के लिए एक घंटे की अनुमति नहीं, लेकिन योग दिवस समारोह के लिए पूरे एक सप्ताह तक सड़क बंद रखी गई।" उनके इस बयान के बाद रेड रोड बंदी और योग दिवस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
