Lucknow, India

IPS: वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने में चूक गए देशभर के आईपीएस, देरी माफ करने और एक मौका देने की मांग

Published 17 June 2026 · india

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के ज्यादातर अधिकारी अपने वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने से चूक गए हैं। उन्हें 'आईपीएस' (वेतन) संशोधन नियम 2023, के अंतर्गत

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के ज्यादातर अधिकारी अपने वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने से चूक गए हैं। उन्हें 'आईपीएस' (वेतन) संशोधन नियम 2023, के अंतर्गत वेतन निर्धारण के लिए विकल्प चुनना था। यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नतीजा, ज्यादातर आईपीएस ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि उनकी तरफ से हुई देरी को माफ किया जाए। आईपीएस अफसरों ने वेतन निर्धारण का एक और मौका देने की मांग की। डीओपीटी ने अब आईपीएस की मांग को मानते हुए उन्हें एक आखिरी मौका दिया है।

अब सभी आईपीएस को एक अवसर दे दिया गया है। उन्हें तीन महीने की अवधि के भीतर वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 जून को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, केंद्रीय पुलिस संगठन/सीएपीएफ को सूचित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सभी आईपीएस अधिकारियों को उक्त निर्णय से अवगत कराएं। गृह मंत्रालय में आईपीएस अधिकारियों की ओर से बड़ी संख्या में अनुरोध प्राप्त हुए थे। इनमें कहा गया कि उन्हें 'आईपीएस (वेतन) संशोधन नियम, 2023' के तहत वेतन निर्धारण के लिए विकल्प चुनने/दोबारा चुनने में हुई देरी को माफ करने और इसके लिए एक आखिरी मौका देने की मांग की गई है।

इसके बाद डीओपीटी के पास यह मांग भेजी गई।उक्त प्रक्रिया को पूरा करने के मकसद से समय सीमा बढ़ाने के लिए 19 मई को गृह मंत्रालय ने डीओपीटी से अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने कई ऐसे कारणों का उल्लेख भी किया था, जिसके चलते आईपीएस को वेतन निर्धारण का विकल्प चुनने में देरी हो गई। डीओपीटी में उन कारणों पर विचार किया गया। उसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस मामले में 'एक बारगी छूट' दी जाएगी।यह छूट 'ओएम' जारी होने की तिथि यानी आठ जून से प्रारंभ होगी।

आईपीएस को तीन माह का समय मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में कोई छूट नहीं दी जाएगी। गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों/सीपीओ/सीएपीएफ से कहा है कि उक्त अवधि के बाद विकल्प चुनने में तारीख बढ़ाने या शर्तों में छूट के लिए किसी भी परिस्थिति में कोई और अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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