NCR in 2041: एनसीआर में क्या बदलने वाला है? नमो सिटीज से लेकर Parivartan योजना तक सब कुछ समझिए
ग्रीन कवर बढ़ाने पर जोर बैठक में पर्यावरण और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बोर्ड ने फैसला किया कि राज्यों को
ग्रीन कवर बढ़ाने पर जोर बैठक में पर्यावरण और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बोर्ड ने फैसला किया कि राज्यों को ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली योजना तैयार की जाएगी। इसमें निजी नागरिकों और कंपनियों की भागीदारी भी शामिल होगी। मंत्री ने बताया कि सड़क किनारे, रेलवे लाइनों के आसपास, नहरों के किनारे और अन्य खाली स्थानों पर पौधारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ग्रीन कवर और फॉरेस्ट एरिया को अलग-अलग माना जाएगा मंत्री ने स्पष्ट किया कि फॉरेस्ट एरिया और ग्रीन कवर को अलग-अलग श्रेणियों में देखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र से जुड़े निर्णय पर्यावरण मंत्रालय और न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसलिए एनसीआरपीबी उनमें बदलाव नहीं कर सकता। हालांकि वन क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों पर हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नई योजनाएं बनाई जाएंगी। नमो सिटीज को RRTS नेटवर्क के पास क्यों बनाया जाएगा? बैठक में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि मेरठ तक RRTS सेवा शुरू हो चुकी है जबकि अन्य कॉरिडोर भी विभिन्न चरणों में हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में परिवहन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा ताकि दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को आसपास के क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सके।
इसी सोच के तहत नमो सिटीज को भी RRTS कॉरिडोर के आसपास विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। पानी की चुनौती पर क्या कहा गया? बैठक के दौरान भूजल और पानी की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठे। इस पर मंत्री ने कहा कि भविष्य में पानी के बेहतर उपयोग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने इस्तेमाल किए गए पानी के पुनर्चक्रण और वर्षा जल को जमीन में पहुंचाकर भूजल रिचार्ज बढ़ाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, इस्तेमाल किए गए पानी को प्रोसेस करके दोबारा उपयोग में लाना भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल होगा। आगे क्या होगा?
मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एनसीआरपीबी निर्णय लेने वाली संस्था नहीं बल्कि समन्वय और सिफारिश करने वाला मंच है। अंतिम फैसले संबंधित राज्य सरकारों और अन्य सक्षम एजेंसियों द्वारा लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय योजना-2041 पर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है और बैठक में उठाए गए मुद्दों व प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद इसे अधिसूचित किया जाएगा।
