'गद्दार-बेईमान-धोखेबाज': संजय राउत ने बागी सांसदों को फिर कहे अपशब्द, बोले- MPs को अतिरिक्त ₹10 करोड़ दिए गए
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी के उन सांसदों पर अपना तीखा हमला जारी रखा है, जो संसदीय दल की
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी के उन सांसदों पर अपना तीखा हमला जारी रखा है, जो संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत की ओर से एक बार फिर से अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। बैठक में शामिल न होने के बाद इन सांसदों के पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। गुरुवार को नई दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में पार्टी के छह लोकसभा सांसद अनुपस्थित रहे। अनिल देसाई द्वारा बुलाई गई इस बैठक में केवल लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय राउत स्वयं मौजूद थे। अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में नागेश आष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।बैठक के तुरंत बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों को गद्दार, बेईमान और धोखेबाज करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने पार्टी के साथ धोखा किया है। बागी सांसदों को लेकर बात करते हुए राउत ने एक बार फिर से उनके लिए गालियों का भी इस्तेमाल किया। इससे पहले बुधवार को भी उन्होंने बागी सांसदों को अपशब्द कहे थे। पार्टी सांसद अनिल देसाई ने भी स्पष्ट किया कि जो सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में न आने वाले सभी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी अनुपस्थिति का कारण पूछा गया है।राउत ने कहा, उद्धव जी को सब कुछ पता है और वे हर घटनाक्रम की पूरी जानकारी ले रहे हैं।
पूरी पार्टी एकजुट है। चार-पांच सांसदों से पार्टी नहीं बनती। पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने ही उन्हें सांसद बनाया था, और वे कार्यकर्ता अब सड़कों पर हैं और आगे भी रहेंगे। उनके लिए अपने ही चुनाव क्षेत्रों में रहना मुश्किल हो जाएगा। मैं यह बात रिकॉर्ड पर कह रहा हूं। उन्हें अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर लोगों का सामना करने दें। अगर वे वहां जाते हैं, तो उन्हें भारतीय सेना की सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी। अगर अदालतों ने पिछले चार वर्षों में हमारे मामले पर फैसला सुना दिया होता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। जो कुछ हो रहा है, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट भी जिम्मेदार है। देश में लोकतंत्र को जिस तरह कमज़ोर किया जा रहा है, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।संजय राउत का दावा है कि बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये दिए गए और उन्हें राजस्थान में सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। अगर बागी सांसदों में ज़रा भी नैतिकता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। राउत ने कहा, कल मैं, अरविंद सावंत और अनिल देसाई मिले थे और हमारा एक फोटो भी प्रसिद्ध हुआ है। अगर वे छह लोग मिले हैं, तो उनका थोबड़ा दिखाइए... आप अभी भी पार्टी के सदस्य हैं। आपने हमारी पार्टी के नाम और हमारी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीता है। इसलिए अभी भी आप हमारी पार्टी के सदस्य हैं। अगर आपने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है, तो आपके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करनी होगी... इस बार की बेईमानी एकनाथ शिंदे को बहुत महंगी पड़ेगी और इन पांच-छह गद्दारों को भी।
