'भारत में ईंधन की कमी नहीं': सरकार बोली- होर्मुज के रास्ते जहाजों की हो रही वापसी; जमाखोरों को भी चेताया
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कहीं भी गैस की किल्लत नहीं है। पिछले तीन दिनों में एक करोड़
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कहीं भी गैस की किल्लत नहीं है। पिछले तीन दिनों में एक करोड़ 26 लाख से ज्यादा एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी हुई है। जबकि बुकिंग सिर्फ 1 करोड़ 14 लाख सिलेंडरों की थी। हमारी सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी पूरा है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील भी याद दिलाई। पीएम ने लोगों से ईंधन बचाने, सरकारी बसों-ट्रेनों का इस्तेमाल करने और कार पूलिंग करने का आग्रह किया है।रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने किसानों के लिए अच्छी खबर दी। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में 51% से ज्यादा खाद का स्टॉक मौजूद है।
संकट के इस दौर के बाद भी खाद का घरेलू उत्पादन और आयात 76.78% रहा है। किसानों की सहूलियत के लिए देश में 97 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद पहुंचाई गई है। इससे खेती में कोई रुकावट नहीं आएगी।पोत परिवहन मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। सरकार अब तक 3 हजार से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस ला चुकी है।विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि भारतीय दूतावास दिन-रात काम कर रहे हैं। वे नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन चला रहे हैं। लोगों को उड़ानों और यात्रा को लेकर लगातार जरूरी सलाह दी जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय जहाजों के सुरक्षित रास्ते के लिए ईरान से बातचीत चल रही है। 11 भारतीय जहाज सुरक्षित लौट आए हैं। 13 जहाज अभी भी वहां हैं। तेहरान में भारतीय दूतावास ने जमीन के रास्ते 2,500 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला है।वहीं, सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि मालटा के ध्वज वाला एलएनजी पोत 'दिशा' 15 जून को करीब 62,370 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है, जो कल सुबह दाहेज पहुंचेगा। सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि रसोई गैस की उपलब्धता मजबूत की जा सके। इस रणनीति से घरेलू बाजार में गैस की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।त्योहारी और संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।
सरकार ने ऐसे जमाखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में अब तक 598 रिटेल आउटलेट्स को सस्पेंड किया जा चुका है। राज्य सरकारों को कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, देश में कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त रोलिंग स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में एलपीजी का बैकलाग महज 3.1 दिन का रह गया है। आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें।
