Maharashtra Weather: मॉनसून की सुस्त चाल ने महाराष्ट्र में बढ़ाया बारिश का इंतजार, 24 जून के बाद बदलेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की तरफ से गुरुवार को जारी किए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की तरफ से गुरुवार को जारी किए गए रिपोर्ट में बताया गया है कि बड़े पैमाने पर अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों की कमी के कारण पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का आगे बढ़ना रुका हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 8 जून को दक्षिण कोंकण और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के आसपास के इलाकों में आगे बढ़ा था। हालांकि, इसके आगे बढ़ने में देरी हुई है। अरब सागर से नमी लाने वाली हवाएं हुईं कमजोर मौसम विभाग ने कहा कि मौजूदा मॉनसून प्रवाह में अरब सागर से आने वाली तेज हवाओं (सर्ज) की कमी है, जो आमतौर पर नमी लाने और व्यापक बारिश के लिए जिम्मेदार होती हैं, जिससे मॉनसून को आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
विभाग ने बताया कि मॉनसून के प्रवाह से जुड़ी निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अरब सागर के ऊपर कमजोर पड़ गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप महाराष्ट्र के तटवर्ती और अंदरूनी इलाकों की ओर नमी का प्रवाह कम हो गया है। क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो में आई कमी IMD ने यह भी कहा कि पश्चिमी हिंद महासागर और अरब सागर के ऊपर क्रॉस-इक्वेटोरियल प्रवाह (भूमध्य रेखा को पार करने वाली हवाएं) जो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए नमी का एक प्रमुख स्रोत है हाल के समय में कमजोर पड़ गया है, जिससे मॉनसून की गतिविधि में कमी आई है।
MJO भी नहीं दे रहा मॉनसून को समर्थन इसके अलावा, विभाग ने बताया कि मॉनसून से जुड़ी महत्वपूर्ण मौसमीय प्रणालियां जैसे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र या चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन), तथा पश्चिमी तट के साथ पर्याप्त तीव्रता वाला ऑफशोर ट्रफ अभी मौजूद नहीं हैं। IMD के अनुसार, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) सहित बड़े पैमाने पर हवाओं के मौजूदा परिसंचरण पैटर्न अभी महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मजबूत समर्थन का संकेत नहीं दे रहे हैं। 24-25 जून के आसपास बढ़ सकती है बारिश हालांकि मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां छिटपुट रहने की संभावना है।
IMD ने आगे कहा कि मौजूदा न्यूमेरिकल वेदर गाइडेंस (संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान) से संकेत मिलता है कि 24-25 जून के आसपास कोंकण बेल्ट में बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होगी।
