Lucknow, India

दिल और किडनी की बीमारियों की भी जड़ है मोटापा, हृदय रोग विशेषज्ञों के संगठन ने पहली बार जारी की गाइडलाइन

Published 17 June 2026 · india

विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी (बेली फैट) शरीर में कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत कर सकती है। यह सूजन (इन्फ्लेमेशन)

विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी (बेली फैट) शरीर में कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत कर सकती है। यह सूजन (इन्फ्लेमेशन), इंसुलिन रेजिस्टेंस और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर डायबिटीज, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी रोग का खतरा बढ़ा सकती है।भारत में मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहे हैं।

देश को दुनिया की “डायबिटीज कैपिटल” तक कहा जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि वजन बढ़ने को केवल दिखावे या सौंदर्य का मुद्दा समझना बड़ी गलती हो सकती है। नई गाइडलाइन बताती है कि मोटापा अक्सर उन बीमारियों की शुरुआत करता है जो बाद में दिल, किडनी और शरीर के मेटाबॉलिज्म को एक साथ प्रभावित करती हैं।

विशेषज्ञ इस स्थिति को कार्डियोवैस्कुलर-किडनी-मेटाबॉलिक (सीकेएम) सिंड्रोम कहते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार दो लोगों का वजन समान हो सकता है, लेकिन दोनों की सेहत एक जैसी नहीं होती। असली खतरा पेट के अंदर अंगों के आसपास जमा होने वाली चर्बी से होता है, जिसे “विसरल फैट” कहा जाता है। यह चर्बी शरीर में ऐसे रसायन छोड़ती है जो लगातार सूजन पैदा करते हैं और इंसुलिन के असर को कम कर देते हैं।

यही प्रक्रिया धीरे-धीरे डायबिटीज, हृदय रोग और किडनी की बीमारी का कारण बन सकती है।

Read full story on TheBriefWire

Loading…