Lucknow, India

छोटे हवाई अड्डों पर बढ़ी सख्ती: डीजीसीए ने दिए सुधार के कड़े निर्देश, कहा- सुरक्षा से बिल्कुल समझौता नहीं होगा

Published 17 June 2026 · general

देश के कई छोटे और अनियंत्रित हवाई अड्डों (अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड) पर विमानों के संचालन को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। विमान

देश के कई छोटे और अनियंत्रित हवाई अड्डों (अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड) पर विमानों के संचालन को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है। विमान दुर्घटनाओं और सुरक्षा संबंधी घटनाओं की पृष्ठभूमि में नियामक ने ऐसे सभी एयरस्ट्रिप और हवाई अड्डों के संचालकों को अपनी सुविधाओं की तत्काल समीक्षा करने और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है। डीजीसीए का मानना है कि कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है, जिससे उड़ान सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। डीजीसीए ने एयरस्ट्रिप संचालकों को क्या निर्देश दिए? डीजीसीए ने 11 जून को जारी परामर्श में कहा है कि सभी अनियंत्रित एयरस्ट्रिप और हवाई अड्डों के संचालक अपनी सुविधाओं की स्थिति की तुरंत समीक्षा करें।

साथ ही रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, विजुअल एड्स, मार्किंग, जल निकासी व्यवस्था, बाउंड्री फेंसिंग और प्रवेश नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करें। नियामक ने कहा कि सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी कमी को बिना देरी दूर किया जाना चाहिए और इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। डीजीसीए को सुरक्षा को लेकर चिंता क्यों हुई? नियामक के अनुसार उसके संज्ञान में आया है कि कई अनियंत्रित एयरस्ट्रिप निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं रखे जा रहे हैं। इससे विमान संचालन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डीजीसीए ने यह भी कहा कि अतीत में ऐसे हवाई अड्डों या उनके आसपास कई दुर्घटनाएं और घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्होंने सुरक्षा मानकों के महत्व को उजागर किया है।

इसी कारण अब इन सुविधाओं की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की गई है। बारामती विमान हादसे से क्या सबक मिला? इस वर्ष 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे के पास एक लियरजेट-45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह हवाई अड्डा एक अनियंत्रित एयरफील्ड है। इस हादसे के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई सुरक्षा सिफारिशें की थीं। रिपोर्ट में कहा गया था कि ऐसे हवाई अड्डों पर बेहतर लैंडिंग सहायता प्रणाली और मौसम संबंधी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, खासकर वहां जहां चार्टर्ड और वीआईपी उड़ानों का संचालन अधिक होता है। अनियंत्रित एयरफील्ड क्या होते हैं? अनियंत्रित एयरफील्ड ऐसे हवाई अड्डे होते हैं जहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर नहीं होता या वह संचालन में नहीं होता।

यहां उड़ानों से संबंधित सूचनाएं आमतौर पर उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षकों और पायलटों के माध्यम से साझा की जाती हैं। डीजीसीए ने ऐसे एयरस्ट्रिप संचालकों को, जहां नियमित रूप से विमान संचालन होता है, एयरोड्रोम लाइसेंस लेने की भी सलाह दी है। साथ ही सभी ऑपरेटरों को मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों और विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।

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