Privilege Notice: खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, पीएम पर अपमानजनक टिप्पणी का मामला; समिति करेगी जांच
राज्यसभा के सभापति ने जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे
राज्यसभा के सभापति ने जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे की जांच और परीक्षण के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। अब विशेषाधिकार समिति यह तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटनाक्रम से संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है। (ये खबर अपडेट की जा रही है) राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस नोटिस पर संज्ञान लेते हुए इसे आगे की जांच और परीक्षण के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। समिति मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सभापति को सौंपेगी। अब विशेषाधिकार समिति यह तय करेगी कि मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी संसदीय विशेषाधिकारों का उल्लंघन करती है या नहीं।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटनाक्रम से संसद के मानसून सत्र से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।(ये खबर अपडेट की जा रही है) राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी के छह सांसदों ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। भाजपा सांसदों का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के बारे में सदन में 'अपमानजनक' और 'असम्मानजनक' टिप्पणी की, जिससे सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। इसी आधार पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया गया।
