Bengal: फिर सड़क पर उतरीं ममता, फेरीवालों को उनका हक दिलाने के लिए एस्प्लेनेड के वाई-चैनल में निकाला मार्च
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। वह प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पहुंचीं।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। वह प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एस्प्लेनेड के वाई-चैनल पहुंचीं। टीएमसी का आरोप है कि राज्य में फेरीवालों को विस्थापन और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। पार्टी ने भाजापा पर आरोप लगाया है कि वह सड़क किनारे सामान बेचने वाले लोगों को निशाना बना रही है।
इसके साथ ही उनकी रोजमर्रा की कमाई में बाधा उत्पन्न कर रही है। क्या है मामला? दरअसल, एक अभियान के तहत हावड़ा स्टेशन के क्षेत्र से लगभग 150 स्टॉल और सड़क किनारे की दुकानें और करीब 200 फेरीवालों को हटाया गया। इसमें खाद्य पदार्थ, फल, खिलौने और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं बेचने वाले विक्रेता शामिल थे। भाजपा ने इस मामले पर आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य में अपने 15 साल के शासनकाल के दौरान उन्हें संरक्षण दिया था।
वहीं दूसरी ओर तृणमूल ने गरीब फेरीवालों के सपनों को कुचलने के लिए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी ने कहा था कि घरों को ध्वस्त करने और परिवारों को विस्थापित करने से पहले, अधिकारियों को प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति के लिए उचित पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए। लोग कोई उपेक्षित वस्तु नहीं हैं। उनका जीवन, आजीविका और भविष्य मायने रखता है।' फेरीवालों को हटाने का अभियान सिर्फ बीजेपी तक ही सीमित नहीं है।
बंगाल में समय-समय पर अलग-अलग सरकारों ने इस तरह के कब्जों को हटाने की कोशिश की है। उदाहरण के लिए, कोलकाता में फेरीवालों के खिलाफ पिछली लेफ्ट फ्रंट सरकार का 'ऑपरेशन सनशाइन' अभियान। ममता बनर्जी ने भी अपने 15 साल के कार्यकाल के आखिरी दौर में ऐसे ही एक अभियान को मंजूरी दी थी।
