चार्टर्ड फ्लाइट और 15 करोड़ का दावा: '2022 दोहराया तो चुप नहीं बैठेंगे', टूट की अटकलों पर राउत ने दी चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा, 'मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके बाद वे नांदेड़ और पुणे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कहा, 'मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके बाद वे नांदेड़ और पुणे सहित तीन जगहों से चार्टर्ड फ्लाइट में सवार हुए। हमने कल होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी कर दिया है।' उन्होंने बताया कि पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने इस मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है।शिवसेना (यूबीटी) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत ही संजय राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे।
बाकी सांसदों की अनुपस्थिति ने पार्टी में संभावित बगावत और टूट की चर्चाओं को और हवा दे दी है।संजय राउत ने कहा कि अगर 2022 की तरह एक बार फिर पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी जैसी पार्टियों को तोड़कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। यदि राजनीतिक दलों को इस तरह तोड़ा जाएगा तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।'उद्धव ठाकरे के नेतृत्व का बचाव करते हुए राउत ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कड़ी मेहनत कर सांसदों को चुनाव जिताया है।
उन्होंने संभावित बागी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर किसी को पार्टी छोड़कर दूसरी तरफ जाना है तो पहले सांसद पद से इस्तीफा दें और फिर जनता के बीच जाकर जनादेश लें।'इस बीच पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। सावंत ने कहा, 'अब तक किसी भी सांसद ने हमें आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि वह पार्टी छोड़ रहा है। लेकिन हमने स्थिति से अवगत कराते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा है।'गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी दो गुटों में बंट गई थी।
अब एक बार फिर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) में संभावित असंतोष की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है। हालांकि, अब तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है। ऐसे में सभी की नजर शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।
