'नेशनल ट्रॉमा एजेंसी', नीट पेपर लीक पर NTA के दावे से भड़की कांग्रेस; सरकार से मांगा जवाब
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने एनटीए के शीर्ष अधिकारियों के संसदीय समिति के समक्ष नीट पेपर लीक नहीं होने के दावे पर हैरानी जाहिर करते हुए दावा किया कि 2018 में एनटीए के गठन के बाद से ही लगातार संगठित रूप से पेपर लीक हो रहा है। पार्टी ने
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने एनटीए के शीर्ष अधिकारियों के संसदीय समिति के समक्ष नीट पेपर लीक नहीं होने के दावे पर हैरानी जाहिर करते हुए दावा किया कि 2018 में एनटीए के गठन के बाद से ही लगातार संगठित रूप से पेपर लीक हो रहा है। पार्टी ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पेपर लीक के मामले को दबाने के लिए प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
लगातार पेपर लीक के लिए सरकार जिम्मेदार संसदीय समिति की बैठक में पेपर लीक की बात को नकारने के एनटीए अधिकारियों के प्रयासों की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अब एक 'नेशनल ट्रॉमा एजेंसी' बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 में एनटीए के गठन के बाद से ही मोदी सरकार और उसका तंत्र पेपर लीक माफिया के साथ मिलीभगत करके एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताओं और धांधली की सच्चाई को दबाने में लगा हुआ है।
NEET लीक मामले में भड़की कांग्रेस जयराम ने शुक्रवार को एक्स पर जारी बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए हमें पता चला है कि एनटीए महानिदेशक ने संसदीय समिति के सामने नीट यूजी-2026 परीक्षा का पेपर लीक नहीं होने का दावा किया और यह सच है, तो यह बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली बेईमानी है। खबरें और भी क्योंकि यह स्पष्ट है कि एक ‘गेस पेपर’ जिसमें असल परीक्षा में आए दर्जनों सवाल शामिल थे, परीक्षा से काफी पहले छात्रों के बीच घूम रहा था और यह लीक नहीं है, तो फिर क्या है?
मोदी सरकार अब इसे नकारने की कोशिश क्यों कर रही है?
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