इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी, ईवी लोन की ब्याज दरें हो सकती हैं कम
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक कार व दोपहिया वाहनों की ब्याज दरों में गिरावट हो सकती है। इलेक्ट्रिक बस व ट्रक की खरीदारी के लिए भी सभी बैंकों को लोन मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। अभी दो दिन पहले
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक कार व दोपहिया वाहनों की ब्याज दरों में गिरावट हो सकती है। इलेक्ट्रिक बस व ट्रक की खरीदारी के लिए भी सभी बैंकों को लोन मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। अभी दो दिन पहले भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से सरकारी व निजी दोनों प्रकार के बैंकों से इलेक्ट्रिक बस व ट्रक की खरीदारी से जुड़े लोन को लेकर बैठक की गई है। इलेक्ट्रिक बस व ट्रक की खरीदारी के लिए सरकार ब्याज दरों में तीन से पांच प्रतिशत की छूट दे सकती है जिसका भुगतान सरकार करेगी।
कितना लगता है ब्याज? वहीं इस लोन के कुछ हिस्से की गारंटी भी सरकार लेगी। सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रिक कार व दोपहिया लोन की ब्याज दरों को भी कम करने के लिए वित्त मंत्रालय की तरफ से बैंकों को कहा गया है। अभी इलेक्ट्रिक कार की खरीदारी पर 7.60 प्रतिशत से लेकर 11.50 प्रतिशत का ब्याज लगता है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआइ में इस लोन की दर 8.9-11.50 प्रतिशत तक है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर लोन की दर 10 से लेकर 20 प्रतिशत तक है।
हालांकि इलेक्ट्रिक कार व दोपहिया वाहन के लोन की ब्याज दरों को कम करने का फैसला पूरी तरह बैंकों पर निर्भर है। खबरें और भी पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए अभी पेट्रोल व डीजल की किल्लत कायम रहने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार पेट्रोल व डीजल के वैकल्पिक साधन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहती है। इसलिए बैंकों को इनके लोन की दर कम करने के लिए कहा जा रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल में कार की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कार की हिस्सेदारी छह प्रतिशत हो गई जो पिछले साल 3.7 प्रतिशत थी।
इस साल मार्च में यह हिस्सेदारी 5.1 प्रतिशत थी। वैसे ही बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी इस साल मार्च में 9.8 प्रतिशत तक पहुंच गई जो पिछले साल अप्रैल में 5.5 प्रतिशत थी।
