बंगाल विधानसभा बजट सत्र: विपक्ष को मिलेगा 50 फीसदी समय; ममता बनर्जी पर बरसे नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी
ऋतब्रत बनर्जी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला तथ्य है
ऋतब्रत बनर्जी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला तथ्य है कि पिछले 15 वर्षों में कामकाजी दिनों के मामले में पश्चिम बंगाल विधानसभा पूरे देश में सबसे आखिरी पायदान पर रही है। हम राष्ट्रीय औसत से भी काफी नीचे चल रहे हैं। हमने सरकार और स्पीकर से इस स्थिति को बदलने की मांग की है। लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विधानसभा के कामकाजी दिनों को बढ़ाना बेहद जरूरी है।नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि आगामी सत्र के लिए विपक्ष ने चर्चा के लिए अधिकतम समय की मांग की थी।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्यपाल के अभिभाषण पर छह घंटे और बजट पर 10 घंटे चर्चा होगी। इसके साथ ही विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए 50 फीसदी समय दिया जाएगा। ऋतब्रत बनर्जी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ संकेत है। अगर सरकार अपने वादों को पूरा करती है तो ठीक है, वरना विपक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एकालाप के खिलाफ संवाद बेहद जरूरी है।20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में विलय के फैसले पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
ओम बिरला ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने अपना फैसला ले लिया है। स्पीकर के कदम पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। लेकिन यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ हमारा सामूहिक संघर्ष है। हम सब मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।ममता बनर्जी की ओर से भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजों को हाईकोर्ट में चुनौती देने पर ऋतब्रत बनर्जी ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब आप जीतते हैं तो सब ठीक होता है, लेकिन हारते ही सब गलत हो जाता है।
यह मानसिकता लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। चुनाव में हार-जीत चलती रहती है, नेताओं को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। हारने के बाद भी खुद को विजेता बताना एक खतरनाक 'डिनायल मोड' है, जो लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है।
