Explainer: समोसे से लेकर जलेबी तक, अखबार में खाना परोसना क्यों बन सकता है बीमारी की वजह, क्या कहते हैं नियम?
FSSAI का कानून क्या कहता है? इस मामले में कानून बिल्कुल स्पष्ट है। एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018' के तहत
FSSAI का कानून क्या कहता है? इस मामले में कानून बिल्कुल स्पष्ट है। एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018' के तहत अखबार या इसी तरह की किसी सामग्री का खाद्य पदार्थों को रखने, लपेटने या परोसने के लिए इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। नियमों के अनुसार भोजन के सीधे संपर्क में आने वाली हर सामग्री फूड ग्रेड गुणवत्ता की होनी चाहिए। पैकेजिंग सामग्री साफ, स्वच्छ और सुरक्षित होनी चाहिए। प्रिंटेड सतह का भोजन के सीधे संपर्क में आना नहीं चाहिए। अखबार या इसी प्रकार की सामग्री का उपयोग भोजन को रखने या लपेटने के लिए नहीं किया जा सकता। यानी अगर कोई दुकानदार अखबार में समोसा, जलेबी या अन्य खाद्य सामग्री दे रहा है तो वह खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
क्या एफएसएसएआई ने पहली बार इस तरह की चेतावनी जारी की है? यह पहली बार नहीं है जब एफएसएसएआई ने इस विषय पर चिंता जताई हो। सितंबर 2023 में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी. कमला वर्धन राव ने पूरे देश में उपभोक्ताओं और खाद्य विक्रेताओं से अपील की थी कि वे अखबार का इस्तेमाल भोजन को पैक करने, रखने या परोसने के लिए तुरंत बंद करें। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अखबार में मौजूद रसायन और भारी धातुएं भोजन में मिलकर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। साथ ही अखबारों के अस्वच्छ संपर्क में आने के कारण खाद्य जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
किन-किन पर लागू होते हैं ये नियम? यह नियम केवल बड़े रेस्तरां या होटल पर लागू नहीं होते। एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुसार निम्न सभी को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है रेहड़ी और फेरी वाले चाट और स्नैक्स विक्रेता हलवाई रेस्तरां ढाबे क्लाउड किचन कैटरिंग सेवाएं मिठाई की दुकानें खाद्य पैकेजिंग करने वाले अन्य व्यवसाय यानी कोई भी खाद्य व्यवसाय संचालक अखबार का इस्तेमाल नहीं कर सकता। हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने क्या कहा? सोमवार को हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। परिषद के अध्यक्ष जोगेंद्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने कहा है कि प्रदेश में कई स्थानों पर अभी भी खाद्य सामग्री को अखबार में परोसा और पैक किया जा रहा है, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
परिषद ने प्रशासन से विशेष निरीक्षण अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, हलवाइयों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अखबार में परोसा गया भोजन स्वीकार न करें।
