अंधा कुआं, 96 घंटे और जिंदगी की जंग! ऐसे बची एक नौजवान की जान
ओडिशा के तुलसीराम बरिहा को दोस्तों ने पहले लूटा और फिर जमकर पीटा. बाद में उसे मरा समझकर अंधे कुएं में फेंक दिया. मगर कुदरत
ओडिशा के तुलसीराम बरिहा को दोस्तों ने पहले लूटा और फिर जमकर पीटा. बाद में उसे मरा समझकर अंधे कुएं में फेंक दिया. मगर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था.
96 घंटे बाद उस कुएं में एक रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया. इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया. पढ़ें पूरी कहानी.
