Lucknow, India

नीट-पेपर लीक पर संग्राम: खरगे ने टेलीग्राम बैन पर सरकार को घेरा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस

Published 15 June 2026 · politics

खरगे ने आगामी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनरीक्षण परीक्षा से ठीक पहले सरकार की ओर से मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों

खरगे ने आगामी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनरीक्षण परीक्षा से ठीक पहले सरकार की ओर से मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार टेलीग्राम ब्लॉक करने के बजाय शिक्षा मंत्री को पद से हटाए, जिन्होंने देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य ही ब्लॉक कर दिया है।कांग्रेस प्रमुख ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना की मदद लेना, टेलीग्राम पर रोक लगाना या फिर पेपर लीक माफिया को बचाने के लिए छोटे मोहरों को पकड़ना, मोदी सरकार की मजबूरी बन चुका है।खरगे ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देश के भीतर कुल 90 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इस महाघोटाले और भ्रष्टाचार के कारण देश के लगभग नौ करोड़ युवाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि वह कब तक अपनी इन भारी विफलताओं पर पर्दा डालती रहेगी।राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने इन अनियमितताओं के दर्दनाक नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में हो रही धोखाधड़ी से हताश होकर करीब आधा दर्जन युवा आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो चुके हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं के माता-पिता कर्ज लेकर बरसों तक परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं, लेकिन अंत में नीट, एसएससी, यूजीसी-नेट और सीयूईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो जाते हैं।

स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि सीबीएसई के नतीजों में भी बड़ा खेल हुआ, जिसे खुद होनहार छात्रों ने उजागर किया। अब देश में विश्वसनीयता का अंतिम प्रतीक मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा पर भी गंभीर आरोप लगने लगे हैं।नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में धांधली और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में हुए विवाद को लेकर कांग्रेस लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है। अब इस लड़ाई को और धार देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद मैदान में उतरने जा रहे हैं। राहुल गांधी 17 जून से राजस्थान के कोटा शहर से देशभर में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करने की शुरुआत करेंगे।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षाओं में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरे देश के छात्र समुदाय को एकजुट करना और मोदी सरकार को इस मोर्चे पर पूरी तरह घेरना है।

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