Lucknow, India

ED: फर्जी लैब रिपोर्ट से हासिल किया हेल्थ सर्टिफिकेट, मिलावटी डेयरी उत्पादों का किया निर्यात

Published 15 June 2026 · india

ईडी भोपाल जोनल ऑफिस ने मेसर्ज जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत, लगभग तीन

ईडी भोपाल जोनल ऑफिस ने मेसर्ज जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत, लगभग तीन करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त किया है। ज़ब्त की गई संपत्तियों में सुनील कुमार त्रिपाठी, परिवार के सदस्यों और उनके द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के नाम पर मौजूद एक रिहायशी घर, प्लॉट और बैंक बैलेंस शामिल है। इस केस में आरोपियों ने मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स का बिजनेस शुरू किया। फर्जी लैबोरेटरी रिपोर्ट तैयार कराकर हेल्थ सर्टिफिकेट हासिल कर लिया। इसी आधार पर खाद्य पदार्थों को एक्सपोर्ट किया गया। ईडी ने मेसर्ज जयश्री गायत्री फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड 'जेजीएफपीएल' से जुड़े डायरेक्टरों, अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले की जांच शुरू की थी।

पीएमएलए के तहत हुई जांच से पता चला कि मेसर्ज जेजीएफपीएल ने एक्सपोर्ट की मंजूरी पाने के लिए 'फर्जी लैबोरेटरी रिपोर्ट' का इस्तेमाल किया। यह फर्म 'मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स बनाने और एक्सपोर्ट करने' के काम में शामिल थी। जेजीएफपीएल के तत्कालीन सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी ने दूसरों के साथ मिलकर ऐसी फर्ज़ी रिपोर्ट तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने में अहम भूमिका निभाई। इन फर्ज़ी रिपोर्ट का इस्तेमाल बाद में हेल्थ सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए किया था। इसी आधार पर खाद्य पदार्थों का एक्सपोर्ट किया गया।जांच में यह भी पता चला कि सुनील कुमार त्रिपाठी जेजीएफपीएल के स्टॉक से डेयरी प्रोडक्ट्स को दूसरी जगह भेजने और उनके गलत इस्तेमाल में शामिल थे।

दूसरी जगह भेजे गए प्रोडक्ट्स को उनके कंट्रोल वाली कंपनियों, जैसे सियाजीत एक्सपोर्ट्स, सुगम फूड्स और अन्य के ज़रिए फर्ज़ी इनवॉइस और बिल का इस्तेमाल करके बेचा गया। ऐसी बिक्री से मिली रकम को कई कंपनियों के जरिए घुमाया गया। फर्ज़ी ट्रांजैक्शन की मदद से उन कंपनियों में पैसा डाला गया, जिनका आपस में कोई संबंध ही नहीं था। आरोपियों ने यह सब इसलिए किया ताकि धन के स्रोत को छिपाया जा सके।इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर किशन मोदी और कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी को गिरफ़्तार किया था।

दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। स्पेशल कोर्ट के समक्ष प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट पहले ही दायर की जा चुकी है। अपराध से हुई कमाई का पता लगाने, मनी ट्रेल की जानकारी हासिल करने और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से जुड़े अन्य लोगों एवं कंपनियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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