Lucknow, India

ट्विशा मौत मामला- MP सरकार की CBI जांच को मंजूरी:हाईकोर्ट में पति समर्थ की जमानत पर थोड़ी देर बाद सुनवाई

Published 21 May 2026 · politics

ट्विशा मौत मामला- MP सरकार की CBI जांच को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के पिता को मामले की सीबीआई जांच कराने का आश्वासन दिया था। एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की सीबीआई जांच होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। 20 मई को

ट्विशा मौत मामला- MP सरकार की CBI जांच को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के पिता को मामले की सीबीआई जांच कराने का आश्वासन दिया था। एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की सीबीआई जांच होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। 20 मई को जब ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब उन्होंने इसका आश्वासन दिया था।. मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार परिवार की हरसंभव मदद करेगी। अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग उठाई थी। उधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए मोहलत की मांग की, तो अदालत ने सुनवाई लंच तक स्थगित कर दी। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. सिंह की वैकेशन बेंच में हो रही है। मध्य प्रदेश सरकार का वह पत्र, जिसमें सीबीआई जांच के लिए सहमति दी गई है। गिरिबाला घर से निकलीं, मीडिया के सवाल पर वकील नाराज, देखिए तस्वीरें… रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह घर से निकलीं तो उनके वकील साथ थे। वकील ने ही उन्हें कार में बैठाया। मौके पर मौजूद मीडियापर्सन सवाल पूछने लगे।

गिरिबाला ने कोई जवाब नहीं दिया। वे कार में जा बैठीं। गिरिबाला की कार आगे बढ़ी तो पहिए के नीचे वकील का पैर आ गया। वे मीडिया से बोले- आप लोगों को मारना चाहते हैं। मीडियाकर्मी लगातार सवाल पूछते रहे तो वकील झल्ला उठे। उन्होंने कहा- कोई कानून है क्या कि हमें जवाब देने ही होंगे। पत्रकारों के माइक को हाथ से खिसकाते हुए वकील कार में जा बैठे। उन्होंने कहा- आपका रवैया ठीक नहीं है। मीडियाकर्मियों ने पूछा कि आप लोग कहां जा रहे हैं लेकिन वकील ने कार का कांच बंद कर लिया। गाड़ी आगे बढ़ गई। ट्विशा के पिता बोले- केस को प्रभावित कर रहा समर्थ ट्विशा के परिजन ने जमानत याचिका पर आपत्ति लगाई है। उसके पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। वह फरारी के दौरान केस को प्रभावित कर रहा है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग भी की है। डेडबॉडी को सुरक्षित रखने सिर्फ -4 डिग्री पर्याप्त नवनिधि शर्मा ने कहा- अमेरिका में भी डेडबॉडी को माइनस 80 डिग्री तापमान में रखने की व्यवस्था नहीं होती। इसके लिए माइनस 4 डिग्री तापमान ही पर्याप्त होता है। यह पूरा पैनिक पुलिस की ओर से क्रिएट किया जा रहा है, ताकि हम जल्द से जल्द बॉडी लेकर रवाना हो जाएं।

हमारी ओर से यह साफ है कि हम मरते दम तक दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग को लेकर लड़ते रहेंगे। शव के सुपुर्दगीनामा पर जबरन साइन कराने का आरोप नवनिधि शर्मा ने कहा- हमसे शव के सुपुर्दगीनामा पर जबरन साइन कराए गए, जबकि हमने बॉडी ली ही नहीं थी। एफआईआर दर्ज करने में भी लेटलतीफी की गई। पुलिस की ओर से कहा गया कि बॉडी की सुपुर्दगी लेने के बाद ही एफआईआर दर्ज होगी। शर्मा का आरोप है कि पुलिस शुरुआत से ही एक पक्ष बनकर काम कर रही है, लेकिन हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। 20 मई को पुलिस ने ट्विशा के पिता से शव ले जाने का आग्रह किया था। चाचा बोले- सबूत मिटाने का काम जारी ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा- पुलिस और न्यायपालिका दोनों मिलकर हमें कन्फ्यूज कर रहे हैं। पहले पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए हामी भरी। अगले ही दिन उन्होंने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। फिर कोर्ट में अपील करने की सलाह दी। कोर्ट पहुंचने पर वहां भी यही कहा गया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। शासन-प्रशासन पूरी तरह से ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के साथ मिला है। क्राइम सीन को अब तक सील नहीं किया गया है। घर खुला हुआ है, सबूत मिटाने का काम जारी है। कमिश्नर बोले- निष्पक्षता से कर रहे जांच ट्विशा के परिजन के आरोपों पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा- जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है।

हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है। पूर्व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को पुलिस की ओर से तीन नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई सहयोग नहीं मिला है। न तो उन्होंने नोटिस का जवाब दिया है और न ही बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हुई हैं। समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कराने के लिए पुलिस ने हाईकोर्ट का रुख किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आवश्यकता पड़ी तो कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। समर्थ के वकील ने कहा- आपसी संबंध सौहार्दपूर्ण थे वहीं, समर्थ सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा- ट्विशा परिवार की इकलौती बहू थी। वह अपने पति और सास के साथ रहती थी। उनके आपसी संबंध सौहार्दपूर्ण थे। हर नई शादी में, खासकर अलग-अलग संस्कृति और पृष्ठभूमि के लोगों के बीच, छोटी-मोटी असहमति होना सामान्य बात है। तालमेल बैठाने में समय लगता है। शादी के साढ़े चार महीने के दौरान ट्विशा करीब पांच बार अपने मायके गई थी। केस से जुड़ी

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