Gujarat: बिजली के खंभों के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर रैली, कांग्रेस-आप ने किया समर्थन
#WATCH | Gujarat | Kisan Adhikar Tractor rally under joint leadership of Kisan Congress and Kisan Sangharsh Samiti begins in Ahmedabad pic.twitter.com/8lBz85F0vi June 15, 2026
#WATCH | Gujarat | Kisan Adhikar Tractor rally under joint leadership of Kisan Congress and Kisan Sangharsh Samiti begins in Ahmedabad pic.twitter.com/8lBz85F0vi June 15, 2026 गांधीनगर पहुंचकर किसानों की एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। कांग्रेस विधायक तुषार चौधरी ने बताया कि किसानों की कई मांगें हैं। इनमें कर्ज माफी, फसलों का पूरा समर्थन मूल्य मिलना और निजी बिजली कंपनियों की मनमानी रोकना शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां किसानों को भरोसे में लिए बिना और उचित मुआवजा दिए बिना उनके खेतों में बिजली के खंभे लगा रही हैं।
गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने दावा किया कि राज्य में किसानों की हालत बहुत खराब है और उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज अदाणी और अन्य कंपनियों के बिजली के खंभे जबरन किसानों के खेतों में लगाए जा रहे हैं।चावड़ा ने आरोप लगाया कि जब किसान मुआवजे या फसल के नुकसान की भरपाई मांगते हैं, तो पुलिस उन्हें पीटती है और महिलाओं पर अत्याचार करती है।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस इन कंपनियों के एजेंट की तरह काम कर रही है। किसान खाद की कमी, नकली बीज, महंगाई, जमीन की गलत माप और सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इन सबके ऊपर उनकी जमीन जबरन छीनने की कोशिश हो रही है। चावड़ा ने कहा कि बार-बार आंदोलन के बावजूद सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इसीलिए कांग्रेस के किसान सेल और अन्य यूनियनों ने यह रैली निकाली है। कांग्रेस हमेशा किसानों के लिए लड़ी है और न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।रैली में अमित चावड़ा, तुषार चौधरी, लोकसभा सांसद गेनीबेन ठाकोर, सेवा दल के अध्यक्ष लालजी देसाई और पाल अंबालिया जैसे कई कांग्रेस नेता शामिल हुए।
आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भी रैली में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि वे पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खड़े हैं और उनके हक के लिए लड़ेंगे।
