डांसिंग गर्ल: 4500 साल पुरानी वो ‘आजाद लड़की’ आज पर्दे में है
सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मशहूर और ऐतिहासिक धरोहरों में से एक, मोहनजोदड़ो की ‘डांसिंग गर्ल’ (नाचती हुई लड़की) की मूर्ति आज एक बार फिर
सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे मशहूर और ऐतिहासिक धरोहरों में से एक, मोहनजोदड़ो की ‘डांसिंग गर्ल’ (नाचती हुई लड़की) की मूर्ति आज एक बार फिर देश की सबसे बड़ी बहसों के केंद्र में है. 10.5 सेंटीमीटर (चार इंच से कुछ अधिक) की यह छोटी सी कांसे की मूर्ति आज से करीब 4500 साल पहले ‘लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग’ (मोम की ढलाई) तकनीक से बनाई गई थी. साल 1926 में जब ब्रिटिश पुरातत्ववेत्ता अर्नेस्ट मैके को मोहनजोदड़ो में खुदाई के दौरान यह मिली, तब से लेकर आज यानी साल 2026 तक, इस मूर्ति को देखने, समझने और इसकी व्याख्या करने के नजरिए में जमीन-आसमान का अंतर आ चुका है.
