Supreme Court: बिहार में दीपक प्रकाश की मंत्री पद पर नियुक्ति को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट बिहार में दीपक प्रकाश को मंत्री के रूप में फिर से नियुक्त करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट बिहार में दीपक प्रकाश को मंत्री के रूप में फिर से नियुक्त करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। न्यायालय ने बिहार सरकार और अन्य से इस संबंध में जवाब मांगा है। प्रकाश को हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार कैबिनेट में पंचायती राज मंत्री बनाया गया था।
वह बिहार विधानसभा या राज्य विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य नहीं हैं। याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह के वकील ने बताया कि प्रकाश अभी भी मंत्री पद पर हैं। शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार, प्रकाश और भारत निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी। याचिका में कहा गया है कि प्रकाश को 20 नवंबर, 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट में शामिल किया गया था।
तब भी वह विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं थे। सांविधानिक प्रावधानों का उल्लंघन याचिका में संविधान के अनुच्छेद 164 (4) का हवाला दिया गया है। यह अनुच्छेद कहता है कि जो मंत्री लगातार छह महीने तक राज्य विधायिका का सदस्य नहीं रहता, उसे उस अवधि के समाप्त होने पर मंत्री पद छोड़ना होगा। याचिका के अनुसार, 7 मई, 2026 को प्रकाश को सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में फिर से मंत्री नियुक्त किया गया।
इस समय भी वह बिहार विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं थे।
