ED: रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के दो ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर गिरफ्तार, सड़क निर्माण में जनता के पैसे की हेराफे
ईडी ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002' के तहत अपराधों के लिए रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ और
ईडी ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002' के तहत अपराधों के लिए रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ और गौतम भाईलाल दोषी को गिरफ़्तार किया है। जांच एजेंसी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की चल रही जांच के सिलसिले में सतीश सेठ को मेसर्ज रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अन्य के ख़िलाफ़ दर्ज ईसीआईआर में गिरफ़्तार किया है। गौतम दोषी को मेसर्ज रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अन्य के ख़िलाफ़ दर्ज ईसीआईआर में गिरफ़्तार किया गया है। ईडी के मुताबिक, सतीश सेठ लंबे समय से आरएएजी से जुड़े रहे हैं और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर रहते हुए उन्होंने ग्रुप की कई कंपनियों के अहम कमर्शियल और फाइनेंशियल फैसलों पर कंट्रोल रखा है।
उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और उससे जुड़े सेक्टर में काम करने वाली ग्रुप की कई कंपनियों में डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया है। सतीश सेठ 2000 से मेसर्ज रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में अहम डायरेक्टर और मैनेजर के पदों पर रहे हैं।गौतम भाईलाल दोषी का आरएएजी के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है। यहां पर उन्होंने ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम किया और ग्रुप की कंपनियों के टैक्स, प्लानिंग और कंप्लायंस, रिस्क मैनेजमेंट वगैरह पर कंट्रोल रखा। वे मेसर्ज रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में डायरेक्टर भी थे, साथ ही कई भारतीय और विदेशी आरएएजी कंपनियों के बैंक अकाउंट्स के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) भी थे।जांच में पता चला है कि सतीश सेठ ने मेसर्ज रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किए गए सड़क निर्माण प्रोजेक्ट्स से जनता के पैसे की हेराफेरी करने में अहम भूमिका निभाई है।
गौतम भाईलाल दोषी ने उस कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को बनाने में मुख्य भूमिका निभाई, जिसका इस्तेमाल मेसर्ज रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और मेसर्ज रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड से अपराध से हुई कमाई (प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम) को निकालने के लिए किया गया था।सतीश सेठ को महाराष्ट्र के ग्रेटर बॉम्बे में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद ईडी को उनकी ट्रांजिट रिमांड मिल
गई। इसके बाद, उन्हें नई दिल्ली के द्वारका में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 6 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया। गौतम भाईलाल दोषी को नई दिल्ली के राउज़ एवेन्यू में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें 5 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया।
