Lucknow, India

TMC के 20 बागी सांसद NCPI से विलय करेंगे:nda को समर्थन देने का ऐलान; लोकसभा स्पीकर से संसद में अलग बैठने की जगह मांगी

Published 14 June 2026 · politics

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों में से 20 बागी सांसदों का गुट त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसदों में से 20 बागी सांसदों का गुट त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान किया। बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपने के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय ने कहा कि उनका गुट पहले ही NCPI में विलय कर चुका हैं। बिरला से मुलाकात की जो फोटो सामने आई है, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी। संसद में अलग सिटिंग की मांग, 5 बड़ी बातें 1. TMC के बागी सांसदों ने स्पीकर से संसद में अलग बैठने की जगह देने की मांग की। 2. काकोली घोष के मुताबिक, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी NDA को समर्थन देगी।

3. काकोली के अनुसार, बागी गुट के पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है। 4. ममता बनर्जी गुट ने स्पीकर को पत्र देकर अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की। 5. सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- असली TMC कौन है, इसका फैसला अदालत करेगी। बागी गुट TMC के चुनाव चिन्ह 'जुड़वा फूल' पर भी दावा करेगा। NCPI त्रिपुरा की गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) त्रिपुरा की रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है। पार्टी 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार सीटों- चावमानू, अंबासा, करमछड़ा और कैलाशहर पर चुनाव लड़ी थी। उसका प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था। पार्टी का नारा था, "अपने अधिकार बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें, राजनीतिक हस्तियों नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन करें।" चावमानू सीट से NCPI के उम्मीदवार बरजेदा त्रिपुरा थे, जिन्हें 536 वोट मिले थे और वे पांचवें स्थान पर रहे थे। NCPI नेता को TMC सांसदों के विलय की जानकारी नहीं दिलचस्प बात यह है कि TMC के बागी सांसदों के पार्टी में शामिल होने की खबर सुनकर बरजेदा हैरान रह गए।

उन्होंने कहा कि उन्होंने 2023 में चुनाव लड़ा था, लेकिन अब पार्टी अचानक राष्ट्रीय चर्चा में कैसे आ गई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। बरजेदा दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्होंने बताया कि कृष्णा देबबर्मा नाम के व्यक्ति के कहने पर चुनाव लड़ा था। उनके हलफनामे के मुताबिक, 2023 में उनकी उम्र 62 साल थी, उन्होंने 8वीं तक पढ़ाई की थी और उनकी कुल संपत्ति करीब 4 लाख रुपए थी। 3 सवाल-जवाब में जानिए आगे क्या होगा? 1. सवाल: बागी सांसदों ने नई पार्टी में विलय का कदम क्यों उठाया? जवाब: दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। बागी गुट के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर चुके हैं। नियम के तहत जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है।

फिर कोर्ट तय करेगा। 2. सवाल: बागी सांसद अभी क्या करेंगे? जवाब: बागी सांसदों ने स्पीकर से लोकसभा में TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की है। TMC के 28 सांसद हैं। 20 सांसद अलग हो गए हैं। ऐसे में बागी सांसदों को NDA को समर्थन देने की वजह से सत्तापक्ष के पास सिटिंग मिल सकती है। 3. सवाल: ममता बनर्जी का गुट क्या करेगा? जवाब: TMC पर अपना दावा पेश करेगा। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा और बागी गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की। ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम… TMC में टूट से जुड़ी खबर के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

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