नायडू नहीं अब काकोली घोष होंगी अहम किरदार: बदलेंगे मोदी सरकार में सहयोगियों के समीकरण, बागी होंगे दमदार
निकट भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में मोदी सरकार में टीडीपी की कम होती धमक की बानगी पेश करेगी। गौरतलब है कि यह बागी
निकट भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में मोदी सरकार में टीडीपी की कम होती धमक की बानगी पेश करेगी। गौरतलब है कि यह बागी गुट अब मोदी सरकार में टीडीपी को दूसरे और जदयू को तीसरे नंबर पर धकेल कर पहले नंबर पर काबिज हो गया है। बागी गुट के पास अब तक 20 सांसदों का समर्थन है जो कि टीडीपी से 4 और जदयू से आठ ज्यादा है।
राज्यसभा में इस गुट के तीन सांसद हैं। उच्च सदन में यह संख्या 8 तो लोकसभा में 22 तक पहुंच सकती है। जाहिर तौर पर केंद्रीय राजनीति में आए इस बदलाव ने मोदी सरकार को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।बागी धड़े ने जल्द संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में अपने लिए कैबिनेट के दो और राज्य मंत्री का एक पद मांगा है। वर्तमान में 16 सदस्यों वाली टीडीपी और 12 सदस्यों वाले जदयू के कैबिनेट के एक—एक और राज्य मंत्री के एक—एक पद हैं।
चूंकि टीडीपी बागी धड़े के सांसदों की संख्या इन दो दलों की तुलना में बेहद ज्यादा है, ऐसे में भाजपा नेतृत्व टीएमसी की मांग को स्वीकार कर सकता है।मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में पहली बार राजग ने तीन सौ का आंकड़ा पार किया है। बागी गुट के समर्थन के बाद अब लोकसभा में राजग के सांसदों की संख्या 312 हो गई है। स्थिति में बदलाव के बाद अब सरकार की निगाहें परिसीमन को अमली जामा पहनाने के लिए दो तिहाई समर्थन हासिल करने पर है।
बीते सत्र में सरकार को 298 सांसदों का साथ मिला था। इस दृष्टि से अब यह आंकड़ा 318 पर पहुंच गया है। राज्यसभा में आरामदायक स्थिति में आने के बाद सरकार डीएमके समेत कुछ अन्य दलों को भी साधने में जुटी है।
