राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब NDA: छू सकता है 163 का आंकड़ा, लोकसभा में संख्या बल बढ़ने की संभावना नहीं
सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में राजग के मौजूदा 148 सांसदों की संख्या में तीन और सीटें जुड़ने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी झारखंड और मिजोरम
सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में राजग के मौजूदा 148 सांसदों की संख्या में तीन और सीटें जुड़ने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी झारखंड और मिजोरम में हो रहे राज्यसभा चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों की सीटें जीतने से हो सकती है। तृणमूल के तीन राज्यसभा सदस्यों के इस्तीफे के बाद, उपचुनावों में राजग पश्चिम बंगाल की तीनों सीटें जीत सकती है। इससे राजग के सांसदों की कुल संख्या 154 हो जाएगी, जो उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत से नौ कम है।चूंकि उच्च सदन में तृणमूल के और सांसदों के इस्तीफा देने की अटकलें जताई जा रही हैं, ऐसे में राजग 163 का आंकड़ा छू सकता है, जिससे उसे सभी सांविधानिक संशोधन विधेयक पारित करने के लिए जरूरी संख्या बल मिल जाएगा।
नवंबर तक सत्ताधारी गठबंधन की ताकत कम हो सकती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश से 10 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं, राज्य विधानसभा में अपनी बेहतर संख्या-बल के कारण समाजवादी पार्टी को राज्यसभा में कुछ सीटें मिल सकती हैं।विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के साथ अभी 64 सांसद हैं; द्रमुक के आठ सांसदों के अलग होने और आप के तीन सांसदों के गठबंधन से दूरी बना लेने के बाद यह स्थिति बनी है।
वाईएसआर कांग्रेस और बीजद जैसे दल जिनके पास क्रमशः सात और छह सीटें हैं, राज्यसभा में यह संविधान संशोधन जैसा कोई मौका आने पर किसी भी तरफ जा सकते हैं। उधर लोकसभा
में अगर तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे के 20 सांसद अलग गुट बनाकर राजग का समर्थन करते हैं तो भी कुल संख्या 312 पर पहुंचेगी, जो दो-तिहाई बहुमत से काफी पीछे है।
