Lucknow, India

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं:बंगाल में पशु वध नोटिस पर रोक से इनकार; हुमायूं कबीर बोले- कुर्बानी देंगे

Published 21 May 2026 · politics

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं: बंगाल में पशु वध नोटिस पर रोक से इनकार; हुमायूं कबीर बोले- कुर्बानी देंगे कोलकाता 55 मिनट पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा-बकरीद पर गाय की कुर्बानी जरूरी नहीं: बंगाल में पशु वध नोटिस पर रोक से इनकार; हुमायूं कबीर बोले- कुर्बानी देंगे कोलकाता 55 मिनट पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी की बेंच ने कहा कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु का वध पूरी तरह बैन है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ईद-उल-जुहा में गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। पूर्व तृणमूल नेता व विधायक हुमायूं कबीर ने गाइडलाइन का विरोध करते हुए ईद पर हर हाल में कुर्बानी की धमकी दी है। इस पर भाजपा ने कहा कि किसी भी हाल में अवैध स्लॉटरहाउस नहीं चलने दिए जाएंगे।

बंगाल सरकार ने 13 मई को गोहत्या बैन की दरअसल 13 मई को बंगाल सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से बैन है। बंगाल सरकार ने कहा कि फिटनेस सर्टिफिकेट केवल किसी नगरपालिका के अध्यक्ष, किसी पंचायत समिति के प्रमुख और एक सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट तभी जारी होगा जब अथॉरिटी सहमत हो कि जानवर 14 साल से ज्यादा उम्र का है, वह प्रजनन के लायक नहीं और बूढ़ा है। चोटिल और अपंग है, या लाइलाज बीमारी के कारण अक्षम है। इसके अलावा सार्वजनिक बूचड़खानों पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार ने कहा कि जानवरों की हत्या केवल नगरपालिका के बूचड़खाने (स्लॉटरहाउस), या स्थानीय प्रशासन से निर्धारित बूचड़खाने में ही की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

यदि फिटनेस सर्टिफिकेट देने से इनकार किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के पास अपील कर सकता है। राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में CM शुभेंदु ने 20 मई को पहली कैबिनेट बैठक की। बंगाल के गुरुवार के 5 बड़े अपडेट्स 1. बिना मंजूरी मीडिया को सरकारी जानकारी देने पर रोक बंगाल में कर्मचारी बिना पूर्व मंजूरी मीडिया को कोई जानकारी सीधे या परोक्ष रूप से साझा नहीं कर सकेगा। बंगाल सरकार ने इसे लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। 2. रथ हत्याकांड में एक और आरोपी गिरफ्तार CM शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में यूपी के बलिया से एक और आरोपी नवीन कुमार सिंह (35) को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई अब पूछताछ के लिए उसकी कस्टडी मांग सकती है। 3. सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है।

यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। 4. फालता में रिपोलिंग होने पर 88.13% वोटिंग हुई पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर गुरुवार को दोबारा मतदान हुआ। रिपोलिंग में करीब 2% वोटिंग बढ़ गई। चुनाव आयोग के मुताबिक रात 10:30 बजे तक 88.13% मतदान हुआ। वहीं 29 अप्रैल को इस सीट पर 86.71% मतदान हुआ था। 5. आरजीकर केस में CBI को दोबारा जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजीकर रेप मर्डर केस को दबाने के आरोपों की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI की 3 सदस्यीय SIT बनाने का आदेश दिया। जिसकी अगुवाई CBI के पूर्वी क्षेत्र के जॉइंट डायरेक्टर करेंगे। SIT को 25 जून तक रिपोर्ट देनी होगी।

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