Lucknow, India

दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: मतगणना पर लगी रोक हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, प्रत्याशियों को लगा बड़ा झटका

Published 21 May 2026 · politics

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल आफ दिल्ली (बीसीडी) चुनाव की वोटों की गिनती पर रोक लगाने वाले अपने पहले के आदेश को संशोधित करने से इनकार कर दिया और दिल्ली हाई कोर्ट से 25 मई को याचिकाओं पर सुनवाई करने को कहा। भारत के मुख्य

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल आफ दिल्ली (बीसीडी) चुनाव की वोटों की गिनती पर रोक लगाने वाले अपने पहले के आदेश को संशोधित करने से इनकार कर दिया और दिल्ली हाई कोर्ट से 25 मई को याचिकाओं पर सुनवाई करने को कहा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने आग्रह किया कि वोटों की गिनती पर रोक लगाने के शीर्ष अदालत के 18 मई के आदेश को संशोधित किया जाए।

सिंह ने कहा, ''मतगणना चल रही है। इसे पूरा होने दीजिए। हाई कोर्ट के आदेशों के अधीन इसे जारी नहीं किया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि वोट बिखरे हुए हैं और यह वोटों से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाता है। सीजेआई ने छेड़छाड़ किए गए मतपत्रों की गिनती के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा, ''हम अपने आदेश में संशोधन नहीं करेंगे।

बीसीडी चुनावों के संबंध में गंभीर मुद्दे हैं।'' पीठ ने आदेश दिया, ''हम दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मामले को तुरंत सोमवार को एक डिवीजन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हैं। पक्षकार सभी दलीलें पेश करने के लिए स्वतंत्र होंगे।'' 'कानूनी वारिसों को बाहर करना वसीयत को अमान्य ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं' सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कानूनी वारिसों और वसीयत के एक मामले में अहम टिप्पणी की।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वसीयत का मूल उद्देश्य ही उत्तराधिकार के सामान्य क्रम को बदलना होता है।

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