'ये चूड़ियां वही लाए थे, कैसे उतारूं...' पति की लाश से आखिरी बार मांग में भरवाया सिंदूर, फफक पड़े लोग
शुक्रवार को घर से निकलते वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर आखिरी साबित होगा. चार दोस्त गर्मी से राहत पाने के लिए
शुक्रवार को घर से निकलते वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर आखिरी साबित होगा. चार दोस्त गर्मी से राहत पाने के लिए शिमला घूमने जा रहे थे.
परिवार वालों से हंसते हुए विदा ली थी. किसी ने कहा था जल्दी लौट आना, किसी ने रास्ते में फोन करने को कहा था. लेकिन
कुछ घंटों बाद एक फोन कॉल ने चार परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए बदल दी.
