'सुरक्षाबलों पर गोली चलाई तो सख्ती से निपटेंगे': मणिपुर DGP ने दिया सख्त संदेश; फर्जी खबरों पर भी रहेगी नजर
कानून हाथ में लेने वालों को क्या चेतावनी दी गई? सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर क्या कहा गया? स्थिति सामान्य करने के लिए
कानून हाथ में लेने वालों को क्या चेतावनी दी गई? सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर क्या कहा गया? स्थिति सामान्य करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? चुराचांदपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी ने कहा कि हथियार लेकर कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास अवैध हथियार पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि सुरक्षाबलों पर फायरिंग करने वालों से आत्मरक्षा के तहत निपटा जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब तक लूटे गए लगभग 70 प्रतिशत हथियार बरामद किए जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियां शेष हथियारों की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर बड़ी मात्रा में भ्रामक और झूठी सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, जो विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ा सकती हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस के पास एक विशेष सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल है, जो ऐसे संदेशों और पोस्टों पर नजर रखती है।
यह सेल फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। साथ ही समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी सामग्री प्रसारित करने वाले प्लेटफॉर्म और खातों के खिलाफ भी कदम उठाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि अफवाहों पर रोक लगाना शांति बहाली के लिए बेहद जरूरी है।डीजीपी ने अपने दौरे के दौरान बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस, अर्धसैनिक बलों, असम राइफल्स, सेना के अधिकारियों और विभिन्न नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।
बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और शांति बहाली के प्रयासों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने अवैध हथियारों की बरामदगी, मादक पदार्थों की जब्ती और सशस्त्र अपराधियों की गिरफ्तारी में जिला पुलिस की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
