₹7000Cr की कंपनी संभालती है ये महिला, कभी बोला था 'No'
कब हुई रमेश चौहान की एंट्री? जब 60 के दशक में भारत में बिसलेरी पैकेज्ड वाटर बेचने की तैयारी की गई, तो उस समय ये
कब हुई रमेश चौहान की एंट्री? जब 60 के दशक में भारत में बिसलेरी पैकेज्ड वाटर बेचने की तैयारी की गई, तो उस समय ये प्लान किसी पागलपन जैसा ही था.
लोगों को लगता था कि बोतल बंद पानी क्यों और कौन खरीद कर पीएगा? लेकिन रॉसी अपने प्लान से डगमगाए नहीं और प्लांट स्थापित किया. शुरुआत में मुंबई में प्लास्टिक नहीं, बल्कि कांच की बोतलों में पानी बेचना शुरू किया गया था.
1969 में पारले (Parle) ने बिसलेरी (इंडिया) लिमिटेड खरीदी और फिर PVC नॉन-रिटर्न बोतलों, PET Conteners में पानी बेचा जाने लगा. 1995 में रमेश चौहान ने इसकी कमान संभाली.
(File Photo)
