जुड़वां लोगों का शहर... जहां हर मोड़ पर मुस्कुराते हैं एक जैसे चेहरे
कल्पना कीजिए आप किसी ऐसे शहर के बाजार में निकलते हैं और आप जिस दुकान पर रुकते हैं, वहां एक जैसी शक्ल, एक जैसी मुस्कान
कल्पना कीजिए आप किसी ऐसे शहर के बाजार में निकलते हैं और आप जिस दुकान पर रुकते हैं, वहां एक जैसी शक्ल, एक जैसी मुस्कान और एक जैसी कद-काठी के दो दुकानदार आपका स्वागत करते हैं.
आप थोड़ा चौंकते हैं और आगे बढ़ते हैं, तो स्कूल यूनिफॉर्म पहने दो एक जैसी बच्चियां एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चलती हुई दिखाई देती हैं. थोड़ा और
आगे जाने पर सड़क पर टहल रहे या खेलते हुए दो हमशक्ल युवक आपका ध्यान खींचते हैं. कुछ पलों के लिए आपको लगेगा कि शायद आपकी आंखों
में कोई खराबी आ गई है या फिर आप किसी साइंस-फिक्शन फिल्म के मैट्रिक्स में फंस गए हैं, जहां एक ही दृश्य बार-बार रीबूट हो रहा है.
