अहमदाबाद प्लेन हादसा के एक साल, जांच पूरी नहीं:जांच एजेंसी बोली- अहम सुराग मिले; श्रद्धांजलि सभा में मारे गए लोगों की फोटो देख रो पड़े परिजन
एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के हादसे की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हुई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने
एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के हादसे की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हुई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जांच चल रही है। वहीं, मामले की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने कहा कि एक साल में जांच टीम ने बारीकी से जांच की है। विमान के सिस्टम, फ्लाइट रिकॉर्डर डेटा (ब्लैक बॉक्स), इंजन के पुर्जों और ऑपरेशनल रिकॉर्ड की जांच में कामयाबी मिली है। मृतकों के परिजनों ने शुक्रवार को दुर्घटनास्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी की बेटी राधिका रूपाणी ने भी वहां पर वृक्षारोपण किया।
कई परिजन मृतकों की तस्वीरें देखते ही रो पड़े। 12 जून 2025 को लंदन जाने वाली AI-171 फ्लाइट मेघानीनगर में मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी। अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम अहमदाबाद प्लेन हादसे का एक साल भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के एक साल बाद भी BJ मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में उस त्रासदी के निशान पूरी तरह मिट नहीं पाए हैं। जहां विमान का मलबा गिरा था, लोगों के शव मिले थे, वहां आज भी खून के धब्बे दिखाई देते हैं।
इधर हादसे में मरने वालों के परिवार आज भी सदमें में हैं। कुछ लोग अभी भी उड़ान भरने से डरते हैं, जबकि कुछ लोग इस गहरे सदमे से उबरने के लिए काउंसलिंग ले रहे हैं। एयर इंडिया ने 96% पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया एयर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसने अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे से प्रभावित 96% परिवारों को 25-25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे दिया है। जिनके डॉक्यूमेंटेशन अधूरे हैं या जहाँ परिवार में झगड़े चल रहे हैं, उन परिवारों को ही मुआवजा नहीं मिला है।साथ ही जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को या तो एक बार में पूरा मुआवजा मिला है।
बाकी लोगों ने हेल्पडेस्क से फॉर्म ले लिए थे, लेकिन अभी तक उन्हें जमा नहीं किया है। टाटा संस ने AI171 हादसे से प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए AI171 मेमोरियल और वेलफ़ेयर ट्रस्ट बनाया है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सभी मरने वालों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा की थी। 91% परिवारों को पूरे ₹1 करोड़ दिए जा चुके हैं।