SIR- 30 करोड़ वोटर कार्ड से धुंधले फोटो हटेंगे:अब मकान नंबर की जगह ‘00’ नहीं लिखा जाएगा, पता दर्ज होगा
निर्वाचन आयोग घर-घर जाकर वोटरों की पहचान करने के अंतिम दौर में पहुंच रहा है। अब बचे हुए 39 करोड़ 73 लाख वोटर्स के दरवाजे
निर्वाचन आयोग घर-घर जाकर वोटरों की पहचान करने के अंतिम दौर में पहुंच रहा है। अब बचे हुए 39 करोड़ 73 लाख वोटर्स के दरवाजे पर दस्तक देने की तैयारी है। इस बीच भास्कर ने पड़ताल की कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद मतदाता फोटो पहचान कार्ड यानी एपिक में क्या बड़े बदलाव आए हैं। SIR के बाद अब तक तैयार 59 करोड़ मतदाताओं के फोटो न सिर्फ हाल ही के हैं बल्कि रंगीन भी हैं। चुनाव आयोग के 9 लाख 20 हजार से ज्यादा बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) ने मोबाइल से वोटरों के फोटो उनके पहचान पत्र के साथ जोड़कर मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाया है। इसके लिए BLO ने कोई फीस नहीं ली।
पहले कार्ड में फोटो नहीं थे, या फिर बहुत धुंधले पहले दौर में बिहार और सेकेंड फेज के 12 राज्यों के वोटर्स की घर-घर जाकर पुष्टि के बाद 59 करोड़ वोटरों के नए पहचान पत्र बने हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव कार्ड की फोटो का है। पहले के करीब 30% वोटर कार्ड में फोटो थे ही नहीं। किसी में तो इतने धुंधले थे कि पहचानना मुश्किल था। वजह ये कि संविधान में फोटो आईडी कार्ड का जिक्र ही नहीं है। ऐसे में फोटो के लिए मतदाता को बाध्य नहीं किया जा सकता था। पड़ताल से पता चला कि करीब 30 करोड़ फोटो नदारद, धुंधले, पुराने या पहचान से परे थे। जो फोटो थे वे 20-30 साल पुराने थे।
7 सवाल-जवाब में जानिए SIR से क्या फर्क पड़ा… सुप्रीम कोर्ट कह चुका- SIR अवैध नहीं; चुनाव आयोग शर्तों के साथ नागरिकता जांच सकता है बिहार SIR के खिलाफ दायर याचिकाओं से ही मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। मई 2026 में एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया। सूर्यकांत की बेंच ने कहा था कि SIR मनमाना नहीं है। चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। पढ़ें पूरी खबर… SIR अब बचे 16 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश में होगा भारत में SIR करीब 21 साल बाद हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इससे पहले देशभर में ऐसा बड़ा अभियान 2002 से 2004 के बीच चला था।
चुनाव आयोग ने बताया था कि देश में SIR की प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है। जून 2025 में बिहार से शुरू हुई SIR प्रक्रिया अब तक 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरी हो चुकी है। इस दौरान 7.41 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए, जिनमें सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम उत्तर प्रदेश से कटे। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। SIR के तीसरे फेज 16 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेश कवर होंगे। पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। --------------------------- SIR से जुड़ी