पति, पत्नी और वो के विवाद में टूटा नागौद राजघराना:राजा की पत्नी को गर्लफ्रेंड ने गोली मारी; थाने में मिला वीआईपी ट्रीटमेंट
11 जून 2026, दोपहर करीब 2:30 बजे। मध्य प्रदेश में नागौद की परसमनिया गढ़ी में अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। कुछ सेकंड के लिए
11 जून 2026, दोपहर करीब 2:30 बजे। मध्य प्रदेश में नागौद की परसमनिया गढ़ी में अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। कुछ सेकंड के लिए हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग भागते हुए बाहर निकले। खून से लथपथ एक महिला को अस्पताल ले जाया गया। घायल महिला कोई और नहीं, बल्कि नागौद राजघराने की बहू योगिता सिंह हैं। योगिता भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे और नागौद राजघराने के सदस्य रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पत्नी हैं। उन पर गोली चलाने के आरोप में पुलिस ने सुनीता परिहार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान थाने में वे मुस्कुराती हुई दिखीं। सुनीता को रूपेंद्र सिंह की गर्लफ्रेंड बताया जा रहा है, जिनके साथ पिछले 6-7 वर्ष से उनके संबंध होने की बात सामने आई है। सवाल यह है कि आखिर गढ़ी के भीतर ऐसा क्या हुआ कि मामला गोलीबारी तक पहुंच गया, पढ़िए रिपोर्ट… रूपेंद्र सिंह की जिंदगी में सुनीता के आने से टूटा परिवार योगिता सिंह राजनीति में सक्रिय रही हैं। परसमनिया गांव की सरपंच रह चुकी हैं। कुछ साल पहले तक योगिता और रूपेंद्र सिंह का वैवाहिक जीवन सामान्य था। दोनों का 20 साल का बेटा भी है। करीब 7 साल पहले हालात बदलने लगे।
परिवार के करीबी लोगों का दावा है कि इसी दौरान रूपेंद्र सिंह की जिंदगी में सुनीता परिहार की एंट्री हुई। इसके बाद पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गईं और विवाद लगातार गहराता गया। सुनीता की एंट्री के बाद अलग-अलग रहने लगे पति-पत्नी शुरुआती तीन-चार साल तक रूपेंद्र सिंह और सुनीता सतना की लोटस सिटी स्थित एक फ्लैट में साथ रहे। वहीं योगिता अपने बेटे के साथ परसमनिया गढ़ी में रहती थीं। इस दौरान रूपेंद्र का अधिकांश समय सुनीता के साथ गुजरता था, जिससे पति-पत्नी के रिश्तों में और खटास आ गई। योगिता की मां नरेंद्र कुमारी का आरोप है कि तीन साल पहले बाबा राजा के पिता के निधन के बाद सुनीता परसमनिया गढ़ी में आकर रहने लगीं। इसके बाद योगिता, रूपेंद्र और सुनीता के बीच टकराव अपने चरम पर पहुंच गया। हालात ऐसे बने कि योगिता को गढ़ी छोड़कर नागौद किले स्थित मकान में रहना पड़ा। परिवार के लोगों ने कई बार समझौते की कोशिश की, लेकिन हर बार बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बेटी का घर बचाने उदयपुर से पहुंचे थे परिजन योगिता का मायका राजस्थान के उदयपुर में है। उनका परिवार भी राजघराने से जुड़ा है।
परिजन को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए वैवाहिक जीवन का विवाद सुलझाया जा सकता है। इसी मकसद से योगिता के माता-पिता, भाई और अन्य रिश्तेदार उदयपुर से नागौद पहुंचे थे। गुरुवार को सभी लोग परसमनिया गढ़ी पहुंचे, जहां पहले से रूपेंद्र और सुनीता मौजूद थे। शुरुआत में माहौल सामान्य रहा। बातचीत भी शांत तरीके से शुरू हुई, लेकिन कुछ देर बाद पुराने विवादों को लेकर बहस छिड़ गई। देखते ही देखते गहमागहमी का माहौल हो गया। मां का आरोप- कमरे से निकाला, फिर चलाई गोली योगिता की मां नरेंद्र कुमारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद के दौरान रूपेंद्र ने योगिता को धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद खिड़की की तरफ से सुनीता परिहार ने फायरिंग शुरू कर दी। नरेंद्र कुमारी के मुताबिक, कुल नौ राउंड फायर किए गए। इनमें से एक गोली योगिता के पेट में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। नरेंद्र कुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि फायरिंग के दौरान रूपेंद्र मौके पर मौजूद थे और सुनीता को उकसा रहे थे। फायरिंग की आवाज सुनते ही गढ़ी में मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े।