पश्चिमी विक्षोभ ने बदला मौसम का मिजाज: उत्तर-पश्चिम भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर, IMD का यलो अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के इस बदलाव की मुख्य वजह
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के इस बदलाव की मुख्य वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी से भरी हवाओं के आपस में मिलने के कारण एक मजबूत मौसमी सिस्टम बना है। इसी वजह से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर देखा जा रहा है।आईएमडी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर और शाम के समय कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान धूल भरी आंधी या तेज हवाएं चल सकती हैं।आईएमडी के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिमी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के राज्य असम और दक्षिण भारत में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई और आंधी चली।
असम और दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कुछ जगहों पर 12-20 सेमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं, हिमाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, केरलम, तमिलनाडु और मणिपुर में कुछ जगहों पर 7-11 सेमी वर्षा हुई। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, राजस्थान और गोवा में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आई। पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई, जबकि विदर्भ में कुछ जगहों पर लू जैसी स्थिति रही।तेज बारिश और भूस्खलन से पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को पांच घंटे के लिए बाधित रहा। इस वजह से वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क से मलबा हटाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने यातायात बहाल करवाया।
वहीं, लंबे इंतजार के बाद हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। वर्षा के कारण किसान भी खुश नजर आए।कश्मीर घाटी में शनिवार सुबह से तेज बारिश शुरू हुई जो शाम तक चली। बारिश के कारण जहां एक ओर जगह-जगह जलभराव हो गया वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से 8.7 डिग्री तक नीचे पहुंच गया। शाम के बाद छाए रहे बादलों से मौसम में ठंडक बनी रही। श्रीनगर में शनिवार को अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 8.4 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक है। कश्मीर के प्रवेश द्वार काजीगुंड में अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 6.3 डिग्री कम है।हिमाचल प्रदेश के रोहतांग और धौलाधार में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई।
राजधानी शिमला सहित धर्मशाला व अन्य भागों में बारिश हुई। अधिकतम तापमान में दूसरे दिन भी आठ डिग्री तक गिरावट आई है। ऊना को छोड़कर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पारा 30 डिग्री से कम रहा। 14 जून को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए रविवार के लिए भी यलो अलर्ट जारी हुआ है।
